भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

सर्पदंश के मामलों में झाड़-फूंक अंधविश्वास को लेकर जागरूकता अभियान चलाएगी डीएलएसए




खरसावां प्रखंड के संतारी गांव में जहरीले सांप के डंसने से दो बच्चों की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, सर्पदंश के बाद बच्चों को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़-फूंक कराई गई। इस दौरान उपचार में हुई देरी के कारण दोनों की हालत गंभीर होती गई। बाद में परिजन उन्हें सदर अस्पताल, सरायकेला लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सर्पदंश को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अभियान के तहत ग्रामीणों को सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक और अंधविश्वास के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने के लिए जागरूक किया जाएगा। अभियान जिला प्रशासन के समन्वय से मानव-वन्यजीव संघर्ष संबंधी जागरूकता कार्यक्रम के तहत चलाया जाएगा। ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में लोगों को बताया जाएगा कि सर्पदंश एक गंभीर चिकित्सकीय आपात स्थिति है। पीड़ित को बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना जरूरी है। अभियान में वन विभाग को भी शामिल करने की तैयारी है। इससे ग्रामीणों को सांपों से बचाव, सुरक्षित सर्प पकड़ने, तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति में उचित सावधानी की जानकारी दी जा सकेगी। डीएलएसए ने लोगों से सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक में समय न गंवाने की अपील की है।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top