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Jamshedpur News: किसी भी शहर की उन्नति, वहां के सुरक्षित माहौल से जुड़ी होती है. अगर संबंधित विभाग लोगों की समस्याएं समय पर सुने और उनका निदान करें तो आम जनता के लिए न्याय पाना कठिन नहीं होता. इसी क्रम में जमशेदपुर में साइबर फ्रॉड से लेकर महिला उत्पीड़न और करप्शन तक के लिए अलग-अलग विभाग हैं. इससे समस्याओं की सुनवाई और निपटारा जल्दी होता है.
जमशेदपुर को देश के सबसे सुनियोजित शहरों में गिना जाता है. चौड़ी सड़कें, व्यवस्थित बाजार, बेहतर यातायात व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ यहां की पुलिसिंग व्यवस्था भी काफी व्यवस्थित और योजनाबद्ध है. शहर में आम थानों के अलावा कई विशेष इकाइयां और शाखाएं बनाई गई हैं, जो अलग-अलग प्रकार की शिकायतों और मामलों की सुनवाई करती हैं. इससे लोगों को अपनी समस्या के अनुसार सही जगह पर पहुंचकर जल्द न्याय और सहायता मिलने में सुविधा होती है.
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) से जुड़े मामलों के लिए बिरसानगर थाना क्षेत्र में विशेष व्यवस्था की गई है. यहां एससी-एसटी अत्याचार से संबंधित शिकायतों की सुनवाई और जांच की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाती है. अगर किसी व्यक्ति के साथ उसकी जाति या जनजाति के आधार पर भेदभाव, उत्पीड़न या दूसरा अपराध होता है, तो वह यहां अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है. इस विशेष व्यवस्था का उद्देश्य संवेदनशील मामलों का त्वरित और निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करना है.
महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को ध्यान में रखते हुए साकची में महिला थाना संचालित किया जाता है. घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, छेड़छाड़, मानसिक उत्पीड़न, साइबर बुलिंग या महिलाओं से जुड़े अन्य मामलों में पीड़ित महिलाएं यहां सीधे शिकायत दर्ज करा सकती हैं. महिला थाना में प्रशिक्षित अधिकारी महिलाओं की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनते हैं और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हैं. यही कारण है कि यह थाना महिलाओं के लिए एक भरोसेमंद सहायता केंद्र बन चुका है.
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आधुनिक तकनीक के दौर में शहर की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए साकची स्थित सीसीआर (क्राइम कंट्रोल रूम) महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. पूरे शहर में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की निगरानी यहीं से की जाती है. किसी दुर्घटना, चोरी, सड़क हादसे या अन्य आपराधिक घटना के मामले में अगर सीसीटीवी फुटेज की जरूरत होती है, तो संबंधित व्यक्ति आवेदन देकर सहायता प्राप्त कर सकता है. यह केंद्र अपराध नियंत्रण और जांच में पुलिस के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है.
साइबर अपराधों में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए बिष्टुपुर में विशेष साइबर थाना स्थापित किया गया है. ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया हैकिंग, डिजिटल ब्लैकमेलिंग या किसी भी प्रकार के साइबर अपराध की शिकायत यहां दर्ज कराई जा सकती है. साइबर विशेषज्ञों की टीम इन मामलों की तकनीकी जांच कर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास करती है. डिजिटल युग में यह थाना लोगों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन गया है.
वहीं भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के लिए सोनारी स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) कार्यरत है. अगर किसी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगी जाती है या भ्रष्टाचार से जुड़ी कोई शिकायत होती है, तो नागरिक यहां संपर्क कर सकते हैं. एसीबी शिकायतों की गोपनीय जांच कर आवश्यक कार्रवाई करती है. इसके अलावा बच्चों से जुड़े मामलों के लिए गोलमुरी स्थित बाल मित्र केंद्र विशेष रूप से कार्य करता है. बच्चों की सुरक्षा, शोषण, गुमशुदगी, बाल श्रम या अन्य समस्याओं से संबंधित शिकायतें यहां दर्ज कराई जा सकती हैं.