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जिले के सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों में अब डॉक्टरों की फीस, जांच शुल्क और इलाज से संबंधित अन्य खर्चों की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी होगी। इस संबंध में सिविल सर्जन ने गुरुवार को आदेश जारी किया है। इसके तहत सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को सात दिनों के भीतर निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। आदेश के अनुसार, अस्पतालों और क्लीनिकों को अपना वैध रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट ऐसी जगह लगाना होगा, जहां मरीज और उनके परिजन आसानी से देख सकें। इसके अलावा डॉक्टरों की फीस, जांच शुल्क, ऑपरेशन और अन्य प्रक्रियाओं का खर्च, बेड चार्ज सहित सभी सेवाओं की दरों का विस्तृत रेट चार्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। डॉक्टरों की योग्यता व ड्यूटी टाइमिंग भी बतानी होगी : स्वास्थ्य संस्थानों को वहां कार्यरत डॉक्टरों के नाम, शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण, विशेषज्ञता और मरीजों को देखने के समय की जानकारी भी प्रदर्शित करनी होगी। साथ ही अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, मरीजों के अधिकारों और शिकायत निवारण की प्रक्रिया का विवरण भी सार्वजनिक करना होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इलाज के लिए लेने वाले शुल्क में पारदर्शिता रखनी होगी। मरीजों से नियमों के विपरीत कोई छिपा हुआ शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई के लिए सिविल सर्जन को सूचित किया जाएगा।
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