सिटी रिपोर्टर | बोकारो स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के वित्तीय परिणाम घोषित करते हुए मजबूत मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी का शुद्ध लाभ (पीएटी) 1636 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 685 करोड़ रुपये की तुलना में करीब 139 प्रतिशत अधिक है। इस शानदार प्रदर्शन में बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) ने पूरे सेल के एकीकृत संयंत्रों में सर्वाधिक ईबीआईटीडीए हासिल कर अपनी परिचालन दक्षता का परिचय दिया है। पहली तिमाही में सेल का परिचालन से राजस्व 26,246 करोड़ रुपए, ईबीआईटीडीए 4356 करोड़ रुपए तथा कर-पूर्व लाभ (पीबीटी) 2159 करोड़ रुपए रहा। हालांकि इस अवधि में कच्चे इस्पात का उत्पादन 4.76 मिलियन टन और बिक्री 4.16 मिलियन टन रही, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में कुछ कम है। कंपनी के अनुसार वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में संभावित बाधाओं को देखते हुए कई मरम्मत एवं रखरखाव कार्य निर्धारित समय से पहले ही पहली तिमाही में पूरे कर लिए गए। सेल के वित्तीय प्रदर्शन में बोकारो स्टील प्लांट की भूमिका सबसे अहम रही। प्रथम तिमाही में बीएसएल ने सेल के सभी एकीकृत संयंत्रों में सर्वाधिक ईबीआईटीडीए दर्ज किया। यह उपलब्धि संयंत्र की मजबूत कार्य संस्कृति, उत्पादन उत्कृष्टता, परिचालन दक्षता, नवाचार आधारित कार्यशैली और टीम भावना का परिणाम माना जा रहा है। पहली तिमाही में बेहतर प्रदर्शन : सेल चेयरमैन सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार पंडा ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत में इस्पात की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। परिचालन दक्षता बढ़ाने, लागत नियंत्रण और प्रभावी विपणन रणनीतियों के बल पर कंपनी ने पहली तिमाही में उल्लेखनीय वित्तीय प्रदर्शन किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि सेल अपनी मजबूत विनिर्माण क्षमता के दम पर घरेलू इस्पात की बढ़ती मांग का लाभ उठाते हुए आने वाले समय में भी बेहतर प्रदर्शन जारी रखेगी।
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