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Raghav Chadha Rajya Sabha Statement on NEET: संसद में राघव चड्ढा ने कहा कि नीट प्रदर्शन छात्रों के हक के लिए है न कि किसी फ्लॉप राजनीतिक दल के कमबैक के लिए. उन्होंने ‘आप’ और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उनकी जिम्मेदारी सवाल पूछना नहीं, समाधान देना है. सरकार 75 दिनों में जांच, ओएमआर की जगह कंप्यूटर आधारित परीक्षा और सख्त एंटी-पेपर लीक कानून जैसे ऐतिहासिक कदम उठाकर स्थायी समाधान लाई है.
राघव चड्ढा ने अपना पक्ष रखा.
संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान पंजाब से सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी को आड़े हाथों लिया. उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में ही तीखा हमला बोलते हुए साफ शब्दों में कहा कि नीट परीक्षा में गड़बड़ी और छात्रों का प्रदर्शन केवल छात्रों के लिए है. यह किसी फ्लॉप पार्टी के कमबैक के लिए प्लेटफॉर्म नहीं हो सकता. राघव के निशाने पर सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल की पार्टी थी जो इस आंदोलन के दौरान ग्राउंड जीरो पर छात्रों के बीच नजर आई थी.
अबतक क्यों चुप रहे राघव चड्ढा?
अपने संबोधन में राघव चड्ढा ने पहले चुप रहने का कारण बताते हुए कहा, “मुझसे कई लोग पूछ रहे थे कि नीट पेपर लीक पर कब बोलोगे? पहले जब मैं विपक्ष में था, तब सवाल उठाना मेरा काम था और मैंने वह काम पूरी ईमानदारी से किया. लेकिन अब मैं ट्रेजरी बेंच पर हूं और मेरी जिम्मेदारी सिर्फ सवाल पूछना नहीं बल्कि समाधान देना है.” उन्होंने कहा कि वे सिर्फ कैमरों के सामने आकर भाषण देने के बजाय समस्या का पक्का और स्थायी इलाज लाने का इंतजार कर रहे थे और आज सरकार वही स्थायी ढांचा लेकर आई है.
नए कानून से नकल माफियाओं की रुह कांपेगी
छात्रों को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि युवाओं का गुस्सा, दर्द और भावनाएं पूरी तरह जायज हैं. प्रधानमंत्री ने एक गार्जियन की तरह छात्रों की आवाज सुनी और तंत्र में बड़े बदलाव किए. सरकार ने मात्र 75 दिनों के भीतर फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. इसके अलावा भविष्य में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब नीट की परीक्षा ओएमआर (OMR) शीट के बजाय कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) फॉर्मेट में कराई जाएगी. सरकार ऐसा कड़ा कानून ला रही है जिससे नकल माफिया और अपराधियों की रूह कांप उठेगी.
पेपर लीक एक क्रॉनिक डिजीज
राघव चड्ढा ने पेपर लीक को पैन इंडिया ऑर्गेनाइज्ड क्राइम और क्रॉनिक डिजीज करार देते हुए कहा कि इसे किसी एक राज्य या राजनीतिक दल के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने पंजाब का उदाहरण देते हुए बताया कि 19 जुलाई 2026 को पंजाब में फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए 13-13 लाख रुपये वसूल कर लाइव नकल कराई जा रही थी. उन्होंने अपील की कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी को इस कानून का समर्थन करना चाहिए ताकि युवाओं का परीक्षा प्रणाली में विश्वास कायम रहे.
सवाल-जवाब
राघव चड्ढा ने संसद में अपने चुप रहने की क्या वजह बताई?
उन्होंने कहा कि ट्रेजरी बेंच पर होने के नाते उनकी जिम्मेदारी केवल सवाल पूछना नहीं बल्कि समाधान देना है, इसलिए वे सरकार द्वारा पक्का इलाज (एंटी पेपर लीक बिल) लाए जाने का इंतजार कर रहे थे.
नीट परीक्षा प्रक्रिया में सरकार भविष्य के लिए क्या बड़ा बदलाव करने जा रही है?
भविष्य में नीट परीक्षा ओएमआर (OMR) शीट के स्थान पर कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) फॉर्मेट में आयोजित की जाएगी.
राघव चड्ढा ने पंजाब की किस परीक्षा में हुई धांधली का उदाहरण सदन में दिया?
उन्होंने 19 जुलाई 2026 को पंजाब में आयोजित फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल और 13-13 लाख रुपये वसूले जाने का उदाहरण दिया.
राघव चड्ढा ने पेपर लीक की समस्या को किस रूप में परिभाषित किया?
उन्होंने इसे किसी एक पार्टी या राज्य की समस्या मानने के बजाय पूरे देश की “क्रॉनिक डिजीज” और “पैन इंडिया ऑर्गेनाइज्ड क्राइम” बताया.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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