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CJP Protest
सुप्रीम कोर्ट में पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सुनवाई हुई. (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में एक महत्त्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि– राज्य सरकारें कानून के तहत FIR वापस ले सकती हैं
सुप्रीम कोर्ट ने छात्र आंदोलनों के दौरान छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर अपने पहले के आदेश को स्पष्ट करते हुए कहा कि-‘ राज्य सरकारें कानून के अनुसार छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को बंद (Close) या वापस (Withdraw) लेने के लिए स्वतंत्र हैं।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि-‘ उसके पिछले आदेश में इस्तेमाल किए गए “क्रिमिनल एंटीसिडेंट्स (Criminal Antecedents)” शब्द का अर्थ गंभीर और जघन्य अपराध (Grave and Heinous Offences) है।
यानी हत्या, बलात्कार, आतंकवाद या अन्य गंभीर अपराधों के आरोपियों को इस राहत का लाभ नहीं मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि– सामान्य या छोटे-मोटे मामलों में आरोपित छात्रों को इस श्रेणी में नहीं माना जाएगा।
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
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