इस पहल की खासियत इसका मल्टी-स्पेशियलिटी और वॉलंटियर-आधारित मॉडल है. यह उन लोगों के लिए हेल्थकेयर का एक सुरक्षा घेरा बनाता है जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन जो अच्छी मेडिकल सलाह का खर्च नहीं उठा सकते या उन तक पहुंच नहीं सकते. फिर चाहे बीमारी कैंसर से लेकर मोतियाबिंद, बच्चों की सेहत से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक कुछ भी हो.
“2 घंटे देश के नाम” मिशन एक आसान से विचार पर आधारित है. अगर हर डॉक्टर हफ्ते में दो घंटे का समय दे, तो वे मिलकर भारत के हेल्थकेयर सिस्टम को बदल सकते हैं.इसमें शामिल होने वाले अस्पताल और डॉक्टर बिना कंसल्टेशन फीस के सलाह देंगे, चाहे वह ऑनलाइन हो या ऑफलाइन. इसका मकसद झुग्गी-बस्तियों, ग्रामीण इलाकों और कम आय वाले परिवारों के मरीजों को समय पर बीमारी का पता लगाने, मेडिकल सलाह और फॉलो-अप सहायता देना है.वह भी बिना किसी खर्च या परेशानी के.
इसमें कौन कौन से डॉक्टर हो रहे शामिल?
इस पहल की शुरुआत में दिल्ली आई सेंटर के जाने-माने नेत्र विशेषज्ञ शामिल हैं. दिल्ली स्थित इस सेंटर में 8 सीनियर नेत्र विशेषज्ञों की टीम है, जिसका नेतृत्व मशहूर नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. इकेदा लाल कर रहीं हैं. यह टीम मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, रेटिना की समस्याओं या आंखों की रोशनी को खतरे में डालने वाली अन्य स्थितियों से जूझ रहे मरीजों को मुफ्त आंखों की जांच और इलाज के बारे में सलाह देती है. नेत्र रोग विशेषज्ञों की इस टीम से 9990666872 पर संपर्क किया जा सकता है.
इस बारे में डॉ. इकेदा लाल ने कहा, ‘भारत में हर साल हजारों लोग ऐसी अंधेपन की समस्या का शिकार हो जाते हैं जिसे रोका जा सकता था. कई लोग इसलिए चेकअप के लिए नहीं आते क्योंकि वे इसका खर्च नहीं उठा सकते. हम इसे बदलना चाहते हैं. हमारी टीम में 8 विशेषज्ञ पहले से ही इस काम के लिए तैयार हैं, और हमें उम्मीद है कि हमारा यह छोटा सा कदम न सिर्फ लोगों की नजर लौटाएगा, बल्कि उन्हें सम्मान और आजादी भी देगा. यह सिर्फ़ हेल्थकेयर नहीं है यह इंसानियत की मिसाल है. मरीज 9990666872 पर कॉल करके हमसे संपर्क कर सकते हैं.’
तोमर फाउंडेशन के संस्थापक और सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन, डॉ. एल तोमर ने कहा, ‘अच्छी ऑर्थोपेडिक देखभाल मिलना किसी व्यक्ति की पैसे देने की क्षमता पर निर्भर नहीं होना चाहिए. ‘2 घंटे देश के नाम’ पहल के जरिए, हम उन लोगों तक समय पर सलाह और मार्गदर्शन पहुंचाना चाहते हैं जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है. हफ्ते में सिर्फ दो घंटे देकर, डॉक्टर लोगों को ऐसी तकलीफों से बचा सकते हैं जिन्हें रोका जा सकता था, और जरूरतमंद मरीजों को ज्यादा स्वस्थ और आजाद जिंदगी जीने का मौका दे सकते हैं. ऑर्थोपेडिक समस्याओं के लिए मरीज 9910000159 पर कॉल कर सकते हैं.”
इनके साथ ‘होप केयर इंडिया, नई दिल्ली’ के मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स की टीम भी जुड़ी है. होप केयर इंडिया के सीनियर साइकियाट्रिस्ट और डायरेक्टर, डॉ. दीपक रहेजा ने कहा, “मेंटल हेल्थकेयर हमारी ओवरऑल सेहत का एक जरूरी हिस्सा है, फिर भी अक्सर पैसों और सामाजिक रुकावटों की वजह से लोग समय पर मदद नहीं ले पाते. ‘2 घंटे देश के नाम’ पहल के जरिए हम यह पक्का करना चाहते हैं कि किसी को भी सिर्फ इसलिए मदद या प्रोफेशनल सलाह न मिले, क्योंकि वे इसका खर्च नहीं उठा सकते. मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी मदद चाहने वाले लोग हमसे 9311112377 पर संपर्क कर सकते हैं.
इस पहल को सपोर्ट करने वालों में दिल्ली के ‘एमेरिक्स मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल’ के जाने-माने कैंसर स्पेशलिस्ट भी शामिल हैं. यहां 10 मेडिकल और सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट की टीम है, जो कैंसर के लिए मुफ्त सलाह (कंसल्टेशन) दे रही है. यह सुविधा खास तौर पर उन मरीजों के लिए है जिनकी बीमारी का पता देर से चला है या जिन्हें दूसरी राय (सेकंड ओपिनियन) की जरूरत है. ऑन्कोलॉजिस्ट टीम से संपर्क करने के लिए नंबर 9355520202 है.
नई दिल्ली के एमेरिक्स मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी के हेड, डॉ. आशीष गुप्ता ने कहा, ‘डॉक्टर होने के नाते, हमारे पास लोगों की तकलीफें कम करने की क्षमता है और अगर हम सब मिलकर हफ़्ते में सिर्फ दो घंटे भी दें, तो लाखों लोगों का इलाज हो सकता है. कैंसर के मरीज अक्सर डर और इलाज के खर्च की वजह से इलाज में देरी करते हैं. इस पहल के जरिए, हम चाहते हैं कि एक्सपर्ट से सलाह लेना सिर्फ कुछ खास लोगों का विशेषाधिकार न रहे, बल्कि सभी भारतीयों का बुनियादी अधिकार बन जाए. मरीज़ 9355520202 पर कॉल करके हमसे संपर्क कर सकते हैं.’
इस अभियान में कार्डियोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, गायनेकोलॉजी और जनरल मेडिसिन जैसी दूसरी स्पेशलिटीज के डॉक्टर भी तेजी से शामिल हो रहे हैं. वे अपने अस्पतालों और क्लीनिकों में मुफ्त OPD शुरू कर रहे हैं और साथ ही दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों के लिए वर्चुअल कंसल्टेशन (ऑनलाइन सलाह) की सुविधा भी दे रहे हैं.
वीडियो कंसल्टेशन से दूर होंगी बीमारियां
इस मुहिम का डिजिटल पहलू यह पक्का करता है कि दूरी कोई रुकावट न बने. गांवों, टियर-3 शहरों या सीमावर्ती इलाकों के मरीज़ अब दिल्ली के बेहतरीन डॉक्टरों से मुफ्त में वीडियो कंसल्टेशन ले सकते हैं. आने वाले महीनों में, इस पहल को कई राज्यों तक फैलाने और देश भर के डॉक्टरों को इसमें शामिल करने की योजना है.
कई कार्डियोलॉजिस्ट और पीडियाट्रिशियन भी आगे आए हैं. उन्होंने जन्मजात बीमारियों, पुरानी बीमारियों और मां-बच्चे की सेहत का जल्दी पता लगाने के लिए अपने कुछ घंटे देने का वादा किया है.