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मां विंध्यवासिनी धाम में बढ़ते श्रद्धालुओं को देखते हुए अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विंध्याचल रेलवे स्टेशन का 26.82 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया गया है. स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, जहां यात्रियों को लिफ्ट, एस्केलेटर, फुट ओवरब्रिज, वेटिंग रूम, पेयजल और दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं मिलेंगी.
मिर्जापुर: मां विंध्यवासिनी धाम का कॉरिडोर बनने के बाद भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. भक्तों की संख्या को देखते हुए विंध्याचल रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कराया गया है. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विंध्याचल रेलवे स्टेशन का कायाकल्प एयरपोर्ट की तर्ज पर कराया गया है. ऐसे में अब श्रद्धालुओं को एयरपोर्ट की तरह चमकता हुआ स्टेशन मिलेगा, जहां अत्याधुनिक सुविधाएं भी मिलेगी. यात्रियों की सुविधा को देखते हुए छोटी से लेकर बड़ी चीजों पर काम किया गया है, जहां अब नया स्टेशन नजर भी आने लगा है.
क्या कुछ है खास
मां विंध्यवासिनी मंदिर के गुंबद की तर्ज पर विंध्याचल रेलवे स्टेशन का एंट्री गेट बनाया गया है. एंट्री गेट के साथ ही स्टेशन पर एयरपोर्ट की तर्ज पर टिकट काउंटर बनाए गए हैं. प्लेटफॉर्म्स का भी विकास एयरपोर्ट की तरह से किया गया है. प्लेटफार्म पर मार्बल बिछाए गए हैं, जहां अत्यधिक लाइट लगाई गई है. यात्रियों की सुविधा के साथ ही स्टेशन पर एंट्री गेट के पास पार्क बनाया गया है. इसके साथ ही पूरी बिल्डिंग का निर्माण भी नए सिरे से किया गया है. रेलवे स्टेशन पहले की तुलना में काफी बेहतरीन नजर आ रहा है.
26.82 करोड़ से हुआ है निर्माण
विंध्याचल रेलवे स्टेशन का 26.82 करोड़ की लागत से कायाकल्प कराया जा रहा है. मिर्जापुर जिले में विंध्याचल रेलवे स्टेशन पर लगभग प्रतिदिन 20 से ज्यादा ट्रेनें रूकती है. मां विंध्यवासिनी धाम में देश के अलग-अलग प्रांत से भक्त दर्शन पूजन के लिए आते हैं. कॉरिडोर बनने के बाद यहां पर भक्तों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिसके बाद अब पूरे स्टेशन को नए सिरे से विकसित किया गया है. स्टेशन पर दिव्यांगों के लिए अलग से रास्ता बनाया गया है, इसके साथ ही पेयजल, शौचालय, वेटिंग रुम, एफओबी, लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ी सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई है.
पहले पैदल करते थे पार
स्टेशन से प्रदेश सफर करने वाले छात्र सौरभ ने बताया कि पहले यहां पर सुविधा नहीं थी, लेकिन अब सुविधाओं में बढ़ोतरी हुई है. यहां पर हम लोगों को पैदल क्रॉस नहीं करना पड़ता है. सीढ़ियों के माध्यम से एक तरफ से दूसरी तरफ जा सकते हैं. रोहित ने बताया कि पहले यह स्टेशन देखने में सुंदर नहीं था. यहां की बिल्डिंग में पुरानी थी, लेकिन नए सिरे से बनने के बाद बेहतरीन नजर आ रहा है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें