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32 crore rupees blocked the supply of water to 1.50 lakh houses.


रांची9 घंटे पहले

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एनएचएआई ने 10 किलोमीटर राइजिंग पाइपलाइन के लिए सड़क खोदने व दोबारा बनाने का खर्च माफ नहीं किया

गेतलसूद डैम लबालब है, जलमीनारें भी तैयार हो चुकी हैं और घरों तक कनेक्शन भी पहुंच गए, फिर भी नल से पानी नहीं मिले तो इसकी कीमत शहर के लोगों को चुकानी पड़ती है। रांची में नई शहरी जलापूर्ति योजना की स्थिति कुछ ऐसी ही है। अमृत योजना के तहत तैयार हो रही जलापूर्ति व्यवस्था का पहला फेज इस गर्मी में भी शुरू होने की संभावना कम है। वजह है पिस्का मोड़ से तिलता तक सड़क पर करीब 10 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने के लिए एनएचएआई से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं मिलना।

एनएचएआई ने सड़क तोड़ने और दोबारा बनाने के लिए 32 करोड़ रुपए मांगे हैं। जुडको ने जनहित में इस राशि को माफ करने का अनुरोध किया था, लेकिन एनएचएआई ने इससे इनकार कर दिया। अब जुडको ने राशि के लिए नगर विकास विभाग से फंड मांगा है। सरकार से राशि मिलने और एनओसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सड़क पर पाइपलाइन बिछाने का काम आगे बढ़ सकेगा। ऐसे में इस गर्मी भी करीब डेढ़ लाख घरों तक नई योजना से पानी पहुंचने की उम्मीद कमजोर पड़ गई है।

2022 में पूरा होना था पहला फेज : अमृत योजना के तहत रांची की नई शहरी जलापूर्ति योजना वर्ष 2019 में शुरू की गई थी। पहले फेज को 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य था। लेकिन 4 साल बाद भी योजना अधूरी है। शहर में जरूरत के अनुसार 18 में से 12 जलमीनारें भी बन चुकी हैं और पाइप बिछा कर घरों को कनेक्शन भी दिए गए हैं। फिर भी मुख्य पाइपलाइन अधूरी रहने से नई व्यवस्था का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

रुक्का से शहर में पानी सप्लाई के लिए राइजिंग पाइपलाइन का काम पूरा, सिर्फ बीच में तिलता से पिस्का मोड़ तक 10 किमी पाइप बिछाने का काम 4 साल से रुका हुआ है

90% पाइपलाइन बिछ गई : योजना के तहत शहर में करीब 563 किमी. वितरण पाइपलाइन बिछानी थी। लगभग 533 किमी. बिछाई जा चुकी है। 18 जलमीनारों में 12 बन चुकी हैं।

10 किमी सड़क खराब होगी, बनाने का खर्च मांगा है सड़क तोड़ने और उसे फिर से बनाने के लिए 32 करोड़ रुपए जुडको से मांगे हैं। राशि मिलने के बाद ही एनओसी मिल पाएगी। पाइपलाइन के करीब 10 किमी की सड़क बर्बाद हो जाएगी। जिसे फिर बनानी होगी। -विजय कुमार, जीएम, एनएचएआई

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एनएचएआई को राशि दी जाएगी, काम जल्द शुरू होगा एनएचएआई की ओर से राशि मांगी गई है, उसका आकलन कर राशि दी जाएगी। उम्मीद है कि राशि मिलने के बाद जल्द ही एनओसी मिल जाएगी और राइजिंग लाइन का काम शुरू हो जाएगा। -सुनील कुमार, प्रधान सचिव, नगर विकास विभाग



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