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‘5 साल तक कौन बेटी की शादी टालेगा?’ JPSC अभ्यर्थी अंबिका का...


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Ranchi JPSC Protest: झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का जेपीएससी आंदोलन जारी है. आंदोलन कर रही एक छात्रा अंबिका ने बताया कि परीक्षा में देरी और पेपर लीक से डिप्रेशन में आकर वह परेशान है. वह घर वालों के ताने सुन सुनकर परेशान है. अब न्याय मिलेगा, तभी वह आंदोलन खत्म करेंगी.

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रांची: झारखंड की राजधानी रांची में फिलहाल जेपीएससी आंदोलन जबरदस्त तरीके से चल रहा है. यहां पर जितने भी पीड़ित विद्यार्थी हैं, कोई भूख हड़ताल तो कोई अपनी मांगों को लेकर कई दिन से बैठा हुआ है. उनमें से एक स्टूडेंट अंबिका हैं. उन्होंने कहा कि यहां पर एक-एक एग्जाम 5 साल चलता है. आखिर कौन मां-बाप 5 साल इंतजार करेगा अपनी बेटी की शादी के लिए.

अंबिका ने कहा कि समाज मां-बाप को ताना देती है और मां-बाप मुझे ताना देते हैं. इतना डिप्रेशन हो गया था कि सुसाइड करने की भी कोशिश की. एक बार नहीं दो-दो बार, डिप्रेशन की गोलियां खानी पड़ी और यहां पर पेपर लीक हो जाता है. अब बताइए एग्जाम के लिए अपने 5 साल तैयारी की. अपने पिताजी को 5 साल शादी करने के लिए मनाते रहे और आपको एक दिन पता चलता है कि पेपर तो लीक हो चुका है.

मेंटल ट्रॉमा है हमारे साथ

ऐसे में एक तो पूरी जवानी जा रही है और दूसरी एक तरफ से मेंटल ट्रॉमा है. रात में नींद नहीं आती, डिप्रेशन की गोलियां खानी पड़ती है. अब तो फाइनेंशली दिक्कत है. इसमें भी माता-पिता ने बड़ा मुश्किल से पढ़ाया लिखाया. हमने भी उनको भरोसा दिलाया कि एक दिन नौकरी तो लेकर ही रहेंगे. इस तरीके से हमारे साथ विश्वास घात होगो तो हम क्या करेंगे. मैं ग्रेजुएट टॉपर और बीएड टॉपर हूं, तब जाकर यह हालत है.

अंबिका ने कहा कि आज मैं भूख हड़ताल पर बैठी हूं और तब तक नहीं तोडूंगी जब तक इसका कोई ठोस रास्ता नहीं मिल जाता है. सरकार को हमारी बात सुनाई पड़ेगी और मैं अपने साथ भारत का संविधान भी लाई हूं, यह हमारा अधिकार है और हमारा अधिकार हमसे कोई नहीं छीन सकता है. कितनी बार तो मन में सुसाइड का ख्याल आया और कोशिश भी की, लेकिन फिर लगा यह कोई सॉल्यूशन नहीं है.

“अब हिम्मत नहीं है हारना”

अंबिका बताती हैं कि अब हिम्मत नहीं हारना है. क्योंकि, अब मेरे पास खोने के लिए कुछ बचा ही नहीं है, तो अब ऐसे में या तो जान चली जाएगी या फिर पूरा का पूरा सिस्टम में सुधार आए. कम से कम कुछ नहीं तो आने वाले बच्चों को तो फायदा होगा. अफसोस है कि अभी तक सरकार संज्ञान नहीं ले रही है. जबकि इतने सबूत सामने आ चुके हैं.

About the Author

Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com<…

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