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Software Engineer Motivational Story: 850 बार रिजेक्शन और 13 इंटरव्यू में नाकामी के बाद भी हिम्मत नहीं हारी. पढ़िए सॉफ्टवेयर इंजीनियर दीर्घ कटारिया के संघर्ष और सफलता की अनोखी कहानी. इन्होंने कई बार हार का सामना करने के बाद आखिरकार टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट में शानदार पैकेज के साथ जॉब हासिल की.
Deergh Kataria Microsoft: दीर्घ कटारिया ने प्रोफेशनल लाइफ में काफी स्ट्रगल किया है
नई दिल्ली (Software Engineer Motivational Story). इन दिनों आईटी सेक्टर में छंटनी (Layoffs) का दौर चल रहा है और नौकरियां मिलना मुश्किल हो गया है. 10 या 20 बार रिजेक्ट होने पर इंसान का हौसला टूट जाता है. लेकिन जरा सोचिए, उस शख्स की मेंटल हेल्थ और जज्बे का क्या आलम होगा जिसे एक या दो बार नहीं, बल्कि पूरे 850 बार जॉब एप्लिकेशन में रिजेक्शन का सामना करना पड़ा हो! जी हां, 850 बार मना किए जाने के बाद भी जिद्दी सॉफ्टवेयर इंजीनियर दीर्घ कटारिया ने हार नहीं मानी.
850 बार झेला रिजेक्शन, हर दिन सुनते थे ‘NO’
सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद दीर्घ कटारिया जॉब मार्केट में उतरे तो हालात काफी चैलेंजिंग थे. सैकड़ों कंपनियों में रिज्यूमे भेजने के बावजूद या तो कोई जवाब नहीं आता था या फिर रिजेक्शन का मेल मिल जाता था. लगातार 850 बार ‘ना’ सुनना किसी भी युवा का मनोबल तोड़ने के लिए काफी था. लेकिन दीर्घ कटारिया ने हर रिजेक्शन को अपनी नाकामी मानने के बजाय खुद को और बेहतर बनाने का मौका माना.
13 इंटरव्यू में मिली हार, लेकिन नहीं खोया धैर्य
रिजेक्शन के इस लंबे सफर में दीर्घ कटारिया 13 बार फाइनल इंटरव्यू राउंड तक पहुंचे. जब भी लगता था कि अब बात बन गई है, तभी सिलेक्ट न होने का ईमेल आ जाता था. इन 13 असफल इंटरव्यू से दीर्घ ने सीखा कि नौकरी हासिल करने के लिए सिर्फ कोडिंग आना काफी नहीं है. इसके लिए इंटरव्यूअर के सामने सही अप्रोच और प्रॉब्लम सॉल्विंग माइंडसेट दिखाना भी बहुत जरूरी है.
गलतियों का एनालिसिस और तैयारी की नई स्ट्रैटेजी
निराश होकर बैठने के बजाय दीर्घ कटारिया ने अपनी गलतियों को डायरी में नोट करना शुरू किया. उन्होंने डेटा स्ट्रक्चर्स और एल्गोरिदम (DSA) के कॉन्सेप्ट्स को फिर से मजबूत किया, मॉक इंटरव्यू दिए और अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स को निखारा. उन्होंने ठान लिया था कि जब तक मनपसंद रोल नहीं मिलता, वे कोशिश करना बंद नहीं करेंगे.
माइक्रोसॉफ्ट ने बदल दी दुनिया
लगातार मेहनत और खुद में सुधार का नतीजा आखिरकार सामने आया. जब माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद के लिए दीर्घ कटारिया को इंटरव्यू का मौका मिला तो उन्होंने अपनी पूरी तैयारी झोंक दी. कठिन टेक्निकल और कोडिंग राउंड्स को क्लियर करते हुए उन्होंने पैनल को प्रभावित किया और आखिरकार कंपनी ने उन्हें जॉब ऑफर दे दिया.
जॉब सीकर्स के लिए बड़ा सबक बने दीर्घ कटारिया
दीर्घ कटारिया की सक्सेस स्टोरी इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही है और लाखों स्ट्रगलिंग युवाओं को प्रेरित कर रही है. यह कहानी साबित करती है कि जॉब मार्केट में रिजेक्शन का मतलब अंत नहीं होता. अगर आप अपनी गलतियों से सीखने और दोबारा खड़े होने की हिम्मत रखते हैं तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको आपकी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती.
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Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…
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