भास्कर न्यूज | दुमका गोपीकांदर अंचल क्षेत्र के ओड़मो गांव के डहरटोला में संचालित दो अवैध कोयला खदानों की डोजरिंग शुक्रवार को खनन निरीक्षक गौरव कुमार, मंजीत दुबे, रेंजर एलआर रवि, सीओ विजय प्रकाश मरांडी और थाना प्रभारी सुमित कुमार भगत की संयुक्त टीम ने कराई है। अवैध खदानों की डोजरिंग करने के बाद टीम सिलंगी गांव पहुंची और यहां पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा अंचल क्षेत्र के आमझारी बालू घाट को अवरुद्ध करने की कार्रवाई की। जानकारी के मुताबिक सबसे पहले टीम डहरटोला में अवैध तरीके से संचालित दो अवैध कोयला खदानों को डोजरिंग कर बंद कराने की कार्रवाई की। इससे पूर्व कोयला खदानों में बनाए गए सुरंग में आवाज देकर मौजूद लोगों की जानकारी ली गई। सुरंग में किसी के मौजूद नहीं होने के बाद आश्वस्त होकर जेसीबी से मिट्टी भर दोनों खदानों को बंद कराया गया। प्रशासन की ओर से इससे पूर्व भी करीब छह बार इन दोनों खदानों को डोजरिंग कर बंद कराने की कार्रवाई की जा चुकी है लेकिन डोजरिंग के कुछ ही दिन बाद अवैधा धंधेबाज फिर से अवैध खदानों को चालू कर लेते हैं। डोजरिंग की कार्रवाई के दौरान एसआई धर्मल मांझी, सीआई विक्रम विक्रांत, कर्मचारी पीटर सोरेन, वन विभाग से साकेत कश्यप सहित पुलिस बल मौजूद थे।अवैध खनन पर नकेल कसने निकली टीम सिलंगी गांव पहुंच कर बांसलोई नदी से बालू तस्करी को रोकने के लिए पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा अंचल के आमझारी गांव के दो बालू घाटों का रास्ता काट कर निकासी अवरुद्ध करने की कार्रवाई की। दोनों बालू घाटों से बालू तस्करी किया जाता था। हालांकि दोनों ही बालू घाट पर जब जेसीबी रास्ता काटने की कार्रवाई की जा रही थी तो कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंच कर कार्य को बंद करवा दिया। ग्रामीणों का साफ कहना था कि वे लोग बालू बेचकर ही जीवन यापन करते हैं। बाद में पदाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दोनों बालू घाट का रास्ता अवरुद्ध किया गया ताकि बालू का उठाव रोका जा सके। इससे पूर्व भी दुमका की खनन टास्क फोर्स की टीम ने दोनों बालू घाटों का रास्ता बंद कराने की कार्रवाई की थी लेकिन इसके अगले ही दिन मिट्टी भरकर बालू का उठाव फिर से चालू कर दिया गया था।
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