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आठ जून को अमेरिकी बलों ने पलाऊ के ध्वज वाले तेल टैंकर ‘मैरीवेक्स’ पर हमला किया था. इस जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था. इसके बाद 10 जून को अमेरिका ने पलाऊ के ही ध्वज वाले एक अन्य टैंकर ‘सेटेबेलो’ पर हमला किया, जिस पर सवार 24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत हो गई.
भारतीय नाविकों को जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने को कहा गया है. (रॉयटर्स)
नई दिल्ली. खाड़ी क्षेत्र, विशेषकर होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी के आसपास बिगड़ते सुरक्षा हालात को देखते हुए भारत के महानिदेशालय नौवहन (डीजी शिपिंग) ने भारतीय नाविकों के लिए नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है. हाल के दिनों में एमटी मारिवेक्स, एमटी सेटेबेलो और एमवी जलवीर जैसे जहाजों से जुड़े सुरक्षा घटनाक्रमों के बाद यह कदम उठाया गया है.
एडवाइजरी में जहाजों के मास्टर्स, शिपिंग कंपनियों और अन्य समुद्री हितधारकों को उच्च स्तर की सतर्कता बरतने, सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनियों पर नजर रखने तथा सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं. डीजी शिपिंग ने आरपीएसएल और शिपिंग कंपनियों को अगले आदेश तक संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय नाविकों की तैनाती से बचने की सलाह दी है, हालांकि आपात स्थिति में नाविकों की सहमति से क्रू परिवर्तन किया जा सकता है.
साथ ही, भारतीय नाविकों से जुड़े किसी भी सुरक्षा घटनाक्रम की तत्काल सूचना डीजी कम्युनिकेशन सेंटर को देने और अपुष्ट खबरों व फर्जी वीडियो के प्रसार से बचने को कहा गया है. यह एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की गई है, जबकि ओमान तट के पास इस सप्ताह भारतीय चालक दल वाले तीन जहाजों पर हमला हुआ, जिनमें से 10 जून को हुए एक हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई.
भारत ने 12 जून को नई दिल्ली में स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया था और उन्हें बताया था कि ओमान तट के निकट भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी सेना के घातक हमले अस्वीकार्य हैं.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 13 जून को को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के समक्ष तीन भारतीय नाविकों की हत्या का मुद्दा उठाया, जबकि वॉशिंगटन ने स्पष्ट किया है कि उसकी क्षेत्रीय नौसैनिक नाकेबंदी के उल्लंघन को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.