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चास नगर निगम क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। सोमवार को नगर निगम कार्यालय में महापौर भोलू पासवान की अध्यक्षता में स्वास्थ्य संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद, उपमहापौर पूजा कुमारी, सहायक नगर आयुक्त स्मिता किरण सहित कई अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित थे। बैठक में नगर निगम क्षेत्र में 30 अर्बन हेल्थ सेंटर स्थापित करने की प्रस्तावित योजना की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। साथ ही नागरिकों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 8 पॉलीक्लिनिक खोलने के प्रस्ताव पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पॉलीक्लिनिकों के संचालन को लेकर सिविल सर्जन, नगर प्रबंधक और नगर स्वास्थ्य पदाधिकारी ने बताया कि चिकित्सकों की कमी फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती है। इस समस्या के समाधान के लिए आवश्यक संख्या में डॉक्टरों की नियुक्ति हेतु शीघ्र विज्ञापन जारी करने का निर्णय लिया गया। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, जनसुलभ और सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न आवश्यक कदमों पर सहमति बनी। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार तथा गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया। सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद ने निर्देश दिया कि सभी एएनएम और जीएनएम कर्मी 15 दिनों के भीतर झारखंड नर्सिंग पंजीकरण अनिवार्य रूप से करा लें। उन्होंने संबंधित कर्मियों से निर्देश का गंभीरता से पालन करने को कहा। बैठक को संबोधित करते हुए महापौर भोलू पासवान ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों के सहयोग से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बैठक में नगर प्रबंधक मेघनाथ चौधरी, स्वास्थ्य चिकित्सा प्रबंधक विश्वरंजन कुमार, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. आर.के. पासवान, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. मंजर नजर, डॉ. शेखर सहित अन्य चिकित्सक और अधिकारी थे। झारखंड नर्सिंग पंजीकरण 15 दिनों में कराना होगा झारखंड में नर्सों के पंजीकरण के लिए अधिकृत संस्था झारखंड नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल है, जो राज्य सरकार के अधीन कार्य करती है। परिषद द्वारा एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग सहित विभिन्न नर्सिंग पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण और नवीनीकरण की व्यवस्था संचालित की जाती है। सिविल सर्जन ने सभी एएनएम और जीएनएम कर्मियों को 15 दिनों के भीतर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
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