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तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पिछले कुछ दिनों से लगातार जांच एजेंसियों के रडार पर हैं. सीआईडी (CID) के दफ्तर में उनकी बैक-टू-बैक तीसरी हाजिरी ने बंगाल की राजनीति में खलबली मचा दी है. जानिए आखिर पुलिस उन्हें बार-बार क्यों बुला रही है और ममता बनर्जी से मुलाकात के क्या मायने हैं.
बंगाल पुलिस ने 13 जून 2026 को टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के घर पर छापा मारा. तकरीबन 5 घंटे तक तलाशी अभियान चला. (फोटो: PTI)
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी घमासान के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नंबर-2 नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी जांच एजेंसियों के चक्रव्यूह में घिरते नजर आ रहे हैं. महज 6 दिनों के भीतर राज्य की जांच एजेंसी सीआईडी (CID) के दफ्तर भवानी भवन में अभिषेक बनर्जी की यह तीसरी बड़ी हाजिरी है. लगातार हो रही इस पूछताछ और उसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर अभिषेक की आपात बैठक ने राज्य का सियासी तापमान सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है. आखिर पुलिस और जांच एजेंसियां अभिषेक बनर्जी को बार-बार क्यों तलब कर रही है? क्या बंगाल की राजनीति में अगले कुछ घंटे में कोई बहुत बड़ा तूफान आने वाला है?
क्यों बार-बार पुलिस बुला रही है?
अभिषेक बनर्जी इस समय किसी एक नहीं, बल्कि अलग-अलग मामलों में एक साथ घिरे हुए हैं. पुलिस और सीआईडी द्वारा उन्हें बार-बार बुलाए जाने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े मामले हैं:
1. विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर (Signature Forgery) का गंभीर मामलायह पूरा विवाद विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद तब शुरू हुआ जब टीएमसी के विधायकों के हस्ताक्षर वाला एक आधिकारिक प्रस्ताव विधानसभा सचिवालय को सौंपा गया. आरोप है कि विपक्ष की बेंचों के लिए आरक्षित महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों को लेकर सौंपे गए इस दस्तावेज में कई टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षर जाली हैं.
#WATCH | Kolkata, West Bengal | TMC National General Secretary Abhishek Banerjee arrives at the residence of party chairperson Mamata Banerjee.