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एक बेहद गंभीर और दुर्लभ जेनेटिक बीमारी से जूझ रहे बच्चे से मिलने पहुंचे आंध्र प्रदेश के डिप्टी CM. बच्चे को एक बार उनसे मिलने की ख्वाहिश थी.
यही वो बच्चा है जिससे मिलने आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण सब छोड़कर पहुंच गए.
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जनसेना पार्टी के अध्यक्ष पवन कल्याण बुधवार को तेलंगाना के हनमकोंडा में रहने वाले 17 साल के एक बीमार बच्चे, निरंजन से मिलने उसके घर पहुंचे. हनुमान नगर के रहने वाले 17 वर्षीय निरंजन को एक बेहद दुर्लभ और गंभीर जेनेटिक बीमारी, ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी यानी DND है. जिसकी वजह से वह पूरी तरह बेड पर लाचार है. इस जानलेवा बीमारी से जूझ रहे निरंजन ने इच्छा ज़ाहिर की थी कि वह अपनी ज़िंदगी में एक बार पवन कल्याण से मिलना चाहता है. जब तेलंगाना के जनसेना पार्टी नेताओं के ज़रिए पवन कल्याण को इस बच्चे की इस आखिरी ख्वाहिश के बारे में पता चला, तो वे बिना समय गंवाए सीधे उससे मिलने तेलंगाना में उसके घर पहुंच गए.
भावुक कर देने वाली मुलाकात
बिस्तर पर लेटे निरंजन को देखकर पवन कल्याण काफी भावुक हो गए. उन्होंने निरंजन के पास बैठकर उसे गले लगाया और उसके माथे को चूमा. निरंजन ने उन्हें बताया कि वह बचपन से उनका बहुत बड़ा फैन है. इसके बाद दोनों ने मिलकर निरंजन के पुराने वीडियो और तस्वीरें देखीं, जब वह ठीक था और पवन कल्याण के गानों पर हूबहू डांस और एक्टिंग किया करता था. निरंजन ने खुशी-खुशी बताया कि उन दिनों सब उसे प्यार से ‘छोटा गब्बर सिंह’ बुलाते थे.
1 लाख की मदद और रोजगार का भरोसा
पवन कल्याण ने निरंजन के माता-पिता, रामगोपाल और मानसा से उसकी सेहत की पूरी जानकारी ली. उन्होंने इस मुश्किल वक्त में माता-पिता और इलाज के लिए 1 लाख रुपये दिए. इसके साथ ही वे अपने साथ तिरुमला श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर से लाया गया पवित्र शॉल, तीर्थ और प्रसाद भी लेकर आए थे, जिससे उन्होंने बच्चे को आशीर्वाद दिया.
जब माता-पिता ने बताया कि पहले वे काकतीय अस्पताल की कैंटीन में काम करते थे, लेकिन अब उनके पास घर चलाने का कोई रास्ता नहीं है, तो पवन कल्याण ने वहीं मौजूद तेलंगाना जनसेना के नेताओं को निर्देश दिया कि इस परिवार के लिए एक नई कैंटीन सेटअप करवाई जाए ताकि इनकी नियमित कमाई शुरू हो सके.
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