रांची: राज्यसभा चुनाव में झारखंड से जीत दर्ज करने के बाद नवनिर्वाचित सांसद परिमल नथवाणी ने न्यूज18 से खास बातचीत में राज्य के विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं. निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में तीसरी बार राज्यसभा पहुंचने वाले नथवाणी ने कहा कि उन्हें सभी दलों के विधायकों का समर्थन मिला है. अब उनकी जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है.
शैक्षणिक संस्थानों को बढ़ावा देने की पहल
नथवाणी ने कहा कि उन्होंने चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दलों से अपने पिछले कार्यों के आधार पर समर्थन मांगा था. उनका कहना था कि वर्ष 2008 और 2014 के दौरान सांसद रहते हुए उन्होंने झारखंड में कई विकास कार्य कराए थे, जिनमें शैक्षणिक संस्थानों को बढ़ावा देने की पहल भी शामिल रही. उन्होंने कहा कि इसी भरोसे के आधार पर विधायकों ने उन्हें समर्थन दिया और अब वह झारखंड के विकास के लिए और अधिक काम करना चाहते हैं.
पलायन को रोकने के लिए काम
नथवाणी ने बताया कि इस बार उनका मुख्य फोकस ग्रामीण क्षेत्रों पर रहेगा. उन्होंने कहा कि झारखंड से बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं. कई बार उन्हें उचित वेतन और बेहतर कामकाजी माहौल भी नहीं मिल पाता. ऐसे में उनकी कोशिश होगी कि गांवों में ही कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) से जुड़े छोटे-छोटे संस्थान स्थापित किए जाएं, ताकि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके और उन्हें अपना घर-परिवार छोड़कर बाहर न जाना पड़े. इसके साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. साथ ही कुछ जिलों को मॉडल जिले के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा, जहां विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा.
वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण प्राथमिकता
बातचीत के दौरान परिमल नथवाणी ने झारखंड के वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया. उन्होंने कहा कि झारखंड जल, जंगल और जमीन का राज्य है, इसलिए यहां विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है. उन्होंने चिंता जताई कि राज्य में बाघों और हाथियों की संख्या और उनके प्राकृतिक आवास को लेकर गंभीर चुनौतियां मौजूद हैं.
टाइगर और एलीफेंट पर फोकस
नथवाणी ने कहा कि पलामू टाइगर रिजर्व कभी देशभर में चर्चा का विषय रहता था, लेकिन आज वहां वन्यजीव संरक्षण को और मजबूत करने की जरूरत है. उनका मानना है कि सरकार और संबंधित विभागों को इस दिशा में अधिक ध्यान देना चाहिए. उन्होंने बताया कि इस विषय पर उन्होंने वन्यजीव विशेषज्ञों से भी चर्चा की है और राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाने की योजना बना रहे हैं. हाथियों के बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष पर भी उन्होंने चिंता जताई. उनके अनुसार, खनन गतिविधियों और प्राकृतिक आवासों में बदलाव के कारण हाथियों के पारंपरिक मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे वे रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए.
खेल प्रतिभाओं के लिए खास प्रयास
खेलों के क्षेत्र में झारखंड की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए नथवाणी ने कहा कि राज्य ने महेंद्र सिंह धोनी जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ी दिए हैं. इसके अलावा हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट और तीरंदाजी में भी झारखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे. इस संबंध में वह खेल जगत से जुड़े लोगों से चर्चा करेंगे.
उनका कोई निजी स्वार्थ नहीं
नथवाणी ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल सांसद निधि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय बनाकर विकास कार्यों को गति देने का प्रयास करेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका कोई निजी स्वार्थ नहीं है और न ही वे किसी व्यावसायिक हित के लिए राजनीति में हैं. उनका पूरा ध्यान झारखंड के लोगों के हित और राज्य के विकास पर रहेगा. वहीं, पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा संगठन और झारखंड के विधायकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी ने उन पर भरोसा जताया है. अब उनकी कोशिश होगी कि इस विश्वास पर खरा उतरें और झारखंड के विकास में अपनी भूमिका मजबूती से निभाएं.
ग्रामीण विकास खास फोकस
राज्यसभा चुनाव में जीत के बाद परिमल नथवाणी ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में उनका फोकस ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और वन्यजीव संरक्षण जैसे मुद्दों पर रहेगा. उनका कहना है कि झारखंड ने उन्हें तीसरी बार राज्यसभा भेजा है और अब वह इस विश्वास का प्रतिफल राज्य के विकास के रूप में देना चाहते हैं.