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‘TMC के 20 बागी सांसदों को डिस्क्वालिफाई कीजिए’, स्पीकर से मिले अभिषेक बनर्जी

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Abhishek Banerjee On Rebel TMC MPs: टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की है. उन्होंने 20 बागी टीएमसी सांसदों के एनसीपीआई में विलय को अवैध बताया है. अभिषेक ने कहा कि विलय के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी है. टीएमसी ने इन सभी सांसदों को डिस्क्वालिफाई करने के लिए 20 अर्जियां दी हैं. अभिषेक ने आरोप लगाया कि सांसदों को ईडी-सीबीआई से धमकाया जा रहा है और पैसे बांटे जा रहे हैं.

'TMC के 20 बागी सांसदों को डिस्क्वालिफाई कीजिए', स्पीकर से मिले अभिषेक बनर्जीZoom

‘बंगाल की जनता माफ नहीं करेगी’, बागी सांसदों पर भड़के अभिषेक. (File Photo : PTI)

नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की. 20 बागी टीएमसी सांसदों के एनसीपीआई में विलय के बाद यह अहम कदम उठाया गया है. अभिषेक ने इस विलय को पूरी तरह अवैध बताया है. उन्होंने स्पीकर से मिलकर इन सभी सांसदों पर सख्त एक्शन की मांग की है. अभिषेक ने कहा, ‘हमने 20 बागी सांसदों के खिलाफ स्पीकर को 20 अर्जियां दी हैं और इन सभी को डिस्क्वालिफाई करने की मांग की है.’ पार्टी का कहना है कि बागियों ने सीधे तौर पर संविधान की धज्जियां उड़ाई हैं. बंगाल की जनता इस धोखे के लिए इन्हें कभी माफ नहीं करेगी. अभिषेक ने साफ कहा कि 10वीं अनुसूची के नियम इन बागियों के खिलाफ जाते हैं और इनकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए.

बागी सांसद टीएमसी छोड़ें: अभिषेक

अभिषेक ने कहा कि किसी भी विलय के लिए दो-तिहाई बहुमत होना बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा, ‘अगर बागियों में थोड़ी भी ईमानदारी बची है तो वे खुद इस्तीफा दें.’ उन्होंने चैलेंज दिया कि बागी पहले टीएमसी छोड़ें. इसके बाद वे किसी भी पार्टी के टिकट पर दोबारा चुनाव लड़कर दिखाएं. अगर वे पार्टी से नाखुश हैं तो उन्हें पद पर रहने का कोई हक नहीं है.

अभिषेक ने कहा कि कुछ सांसदों को ईडी और सीबीआई से धमकाया जा रहा है. कुछ अन्य को सीधे तौर पर पैसे का लालच दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उनके पास इस बात के पक्के प्रूफ मौजूद हैं. यह विलय अमान्य है और सदस्यता रद्द करने के लिए यह एक बड़ा ग्राउंड है.

विधानसभा में बागी और वफादार विधायकों के लिए अलग-अलग सीटें

तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी टकराव अब विधानसभा के अंदर भी साफ दिखाई देने लगा है. पार्टी के बागी और वफादार गुटों के बीच बढ़ती दूरी के चलते विधानसभा में दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग बैठने की व्यवस्था की गई है. यह घटनाक्रम इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि दोनों गुट अभी भी आधिकारिक तौर पर टीएमसी का हिस्सा हैं, लेकिन सदन के भीतर उनकी भूमिका अलग-अलग राजनीतिक दलों जैसी नजर आ रही है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी के कुल 80 विधायक हैं. इनमें से 60 विधायक बागी गुट के साथ बताए जा रहे हैं, जिसका नेतृत्व पार्टी से निकाले जा चुके ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं. ऋतब्रत ने हाल ही में दावा किया था कि उनके समर्थन में विधायकों की संख्या बढ़कर 64 तक पहुंच गई है. दूसरी ओर, ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के प्रति वफादार गुट का नेतृत्व वरिष्ठ विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय कर रहे हैं.

बजट सत्र के पहले दिन बागी गुट के 58 विधायक सदन में मौजूद रहे, जबकि वफादार गुट के 17 विधायक पहुंचे. टीएमसी के मूल गुट के विधायक कुणाल घोष ने पुष्टि की कि दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग कमरों में बैठने की व्यवस्था की गई है. (एजेंसी इनपुट्स)

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दीपक वर्माDeputy News Editor

दीपक वर्मा (Deepak Verma) की‍ गिनती हिंदी डिजिटल मीडिया के तेजी से उभरते चेहरों में होती है. वह News18हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज़ एडिटर की भूमिका में जुड़े हैं. प्रिंट से डिजिटल का रुख करने वाले दीपक के पास पत्र…और पढ़ें





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