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झारखंड की राजधानी रांची के निवारणपुर संघ कार्यालय पर हमला मामले में एटीएस की जांच तेज हो गई है. एटीएस की टीम ने लोहरदगा में दबिश दी है. आरोपियों के घर के साथ एक मोबाइल शॉप पर भी एटीएस की टीम पहुंची थी. दोनों आरोपी लोहरदगा के ही निवासी हैं. लोहरदगा की एक सिम से पाकिस्तान में मोबाइल ऑपरेट हो रहा था. एटीएस ने इस मामले में कई अहम जानकारी हासिल की है.
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के निवारणपुर संघ कार्यालय पर हमला मामले में एटीएस की जांच तेज हो गई है. एटीएस की टीम ने लोहरदगा में दबिश दी है. आरोपियों के घर के साथ एक मोबाइल शॉप पर भी एटीएस की टीम पहुंची थी. दोनों आरोपी लोहरदगा के ही निवासी हैं. लोहरदगा की एक सिम से पाकिस्तान में मोबाइल ऑपरेट हो रहा था. एटीएस ने इस मामले में कई अहम जानकारी हासिल की है.
पेट्रोल बम से हमला
बता दें कि दो दिन पहले दिन पहले देर रात रांची के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय को निशाना बनाकर पेट्रोल बम फेंका गया था. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी. जांच के दौरान कई अहम सुराग मिले और आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली. पुलिस इस पूरे मामले के पीछे की साजिश, हमले की योजना और आरोपियों के नेटवर्क की जांच कर रही है. आईए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर इस हमले में अब तक क्या कुछ हुआ है.
रांची के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय पर 16 जून की देर रात पेट्रोल बम से हमला किया गया था. इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था. पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस के अनुसार, कुछ आरोपी कार से RSS कार्यालय के पास पहुंचे थे. उन्होंने पेट्रोल बम फेंका और वहां से फरार हो गए. घटना सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड हुई है. अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें एक आरोपी रांची का रहने वाला है, जबकि दो आरोपी लोहरदगा जिले के बताए जा रहे हैं.
जांच में सामने आया है कि दो पेट्रोल बम तैयार किए गए थे. एक बम कार्यालय के गेट के बाहर मिला, जबकि दूसरा बम इमारत की छत पर फेंका गया था. पुलिस ने आरोपियों के पास से पेट्रोल बम बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा सामान (रॉ मटेरियल) बरामद किया है. पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला एक बड़ी साजिश से जुड़ा हुआ दिखाई दे रहा है. जांच एजेंसियां हमले के संभावित आतंकी कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही हैं.
जांच में पता चला है कि RSS कार्यालय को निशाना बनाने की योजना करीब दो महीने से बनाई जा रही थी. आरोपियों ने हमले की पूरी तैयारी पहले से कर रखी थी. पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने हमले का वीडियो बनाया था. बाद में यह वीडियो एक अन्य व्यक्ति को भी भेजा गया था.
जांच में पता चला है कि एक आरोपी कुछ समय तक दुबई में रहा था. पुलिस को ऐसे डिजिटल सबूत मिले हैं जिनसे विदेशी हैंडलर्स से संपर्क होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस का दावा है कि आरोपियों को सोशल मीडिया के जरिए निर्देश मिल रहे थे. शुरुआती जांच में पाकिस्तान की ISI से जुड़े हैंडलर्स और शहजाद भट्टी मॉड्यूल से संपर्क की आशंका सामने आई है. हालांकि इसकी विस्तृत जांच अभी जारी है.
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग ऐप्स के डेटा को कब्जे में लिया है. डिजिटल फुटप्रिंट की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है. आरोपियों के अन्य साथियों, फंडिंग और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा.
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