झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को राज्य के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाए जाने के मामले में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने सुनवाई के दौरान सरायकेला-खरसावां के एसपी की ओर से दाखिल जवाब पर नाराजगी जताई। एसपी की ओर से बताया गया था कि संबंधित थाने में सीसीटीवी लगाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। इस पर अदालत ने कहा कि यह जवाब संतोषजनक नहीं है। इस जवाब से स्पष्ट नहीं होता कि कोर्ट के आदेश का पालन कब तक होगा। सुनवाई के बाद अदालत ने डीजीपी से पूछा कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद भी थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने को गंभीरता से क्यों नहीं लिया जा रहा है। अदालत ने डीजीपी को 27 जून तक सभी पुलिस थानों की स्थिति पर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने चेतावनी दी कि आदेशों की अनदेखी होने पर अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर पुलिस थानों में सीसीटीवी की वास्तविक स्थिति का सत्यापन झालसा और डालसा के माध्यम से भी कराया जा सकता है।
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