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जेपीएससी सदस्यों ने नहीं किया हस्ताक्षर, फिर भी रिजल्ट जारी




झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा जारी सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) नियुक्ति की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) का रिजल्ट विवादों में आ गया है। 134 नियमित पदों के लिए हुई इस परीक्षा का रिजल्ट शुक्रवार को जारी हुआ। इसमें 2515 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया। लेकिन रिजलट जारी करने से पहले ही आयोग के भीतर ही इस पर असहमति दिखी। जेपीएससी के तीन में से दो सदस्यों ने रिजल्ट से संबंधित फाइल पर लिखित आपत्ति दर्ज की। सदस्यों ने लिखा कि रिजल्ट विज्ञापन में निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप तैयार नहीं किया गया है। इसलिए नियमों के अनुसार तैयार किया जाए। इन्होंने रिजल्ट पर हस्ताक्षर करने से भी इनकार कर दिया। हालांकि आयोग के सदस्यों की टिप्पणी के बाद भी एपीपी पीटी का रिजल्ट जारी कर दिया गया। गौरतलब है कि रिजल्ट जारी करने से पहले परीक्षा नियंत्रक को आयोग के सदस्यों की सहमति लेनी पड़ती है। लेकिन असहमति दर्ज होने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। वहीं भर्ती की अतिरिक्त अर्हता में शामिल कंप्यूटर दक्षता प्रमाणपत्र को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदों से जुड़ी यह बहाली अब केवल परीक्षा और परिणाम तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता, पात्रता मानकों के पालन और आयोग की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ गए हैं। आयोग का विवादों से पुराना नाता एपीपी भर्ती पर उठे सवालों के साथ ही जेपीएससी का पुराना रिकॉर्ड भी फिर चर्चा में आ गया है। राज्य गठन के बाद आयोग द्वारा आयोजित दर्जनभर नियुक्ति परीक्षाएं विवादों में रही हैं। राज्य सिविल सेवा, झारखंड पात्रता परीक्षा, असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति समेत अन्य नियुक्ति प्रक्रियाओं पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी। कई मामलों की जांच अभी भी चल रही है। पात्रता शर्तों का पालन जरूरी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े जानकारों का कहना है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में पात्रता संबंधी शर्तों का समान रूप से पालन होना आवश्यक है। आयोग की ओर से इस विषय पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि राज्य के बाहर के कंप्यूटर संचालन प्रमाणपत्रों को किस आधार पर मान्यता दी जाएगी। 134 पदों के लिए शुक्रवार को जारी रिजल्ट पर विवाद एपीपी पीटी में कुल 2515 अभ्यर्थी सपल हुए हैं। इसमें अनारक्षित श्रेणी के 902 उम्मीदवार हैं, जिसमें लगभग 830 अभ्यर्थी राज्य के बाहर के हैं। इसी बिंदु को लेकर आयोग के भीतर सवाल उठाए गए हैं कि इन अभ्यर्थियों ने ही राज्य के बाहर कंप्यूटर संचालन प्रमाण पत्र जमा किए हैं। रिजल्ट जारी होने के बाद अब आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनौती चयन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देना है। अभ्यर्थियों का एक वर्ग चाहता है कि आयोग मुख्य परीक्षा से पहले कंप्यूटर प्रमाणपत्र और परिणाम निर्धारण से जुड़े सभी बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करे। ताकि भविष्य इस नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं हो। एपीपी भर्ती विज्ञापन में विधि स्नातक डिग्री के साथ कंप्यूटर संचालन संबंधी योग्यता अतिरिक्त अर्हता के रूप में शामिल था। इसमें कहा गया गया कि राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान का प्रमाण पत्र मान्य होगा। लेकिन अभ्यर्थियों ने राज्य के बाहर के संस्थानों का सर्टिफिकेट दिया और वे भी सफल रहे। पीटी में 2515 अभ्यर्थी सफल मुख्य परीक्षा से पहले आयोग पर दबाव कंप्यूटर प्रमाणपत्र बना नया मुद्दा
विज्ञापन जारी : जून 2025 विज्ञापन संख्या : 06/2025 कुल नियमित पद : 134 आवेदन अवधि : 29 जून से 21 जुलाई 2025 प्रारंभिक परीक्षा : 20 दिसंबर 2025 पीटी रिजल्ट जारी : 19 जून 2026 मुख्य परीक्षा के लिए सफल : 2515 अभ्यर्थी वर्तमान विवाद : आयोग सदस्यों की असहमति परीक्षा के छह माह बाद आया पीटी का रिजल्ट



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