भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

देवघर का कृष्णा टॉकीज टेलर मार्केट, 40 साल पुरानी दुकानें, कुछ घंटों...


Last Updated:

Deoghar Krishna Talkies Tailor Market: सुबह की पहली किरण के साथ ही देवघर के कृष्णा टॉकीज परिसर में सुई-धागे का संसार जाग उठता है. चारों तरफ सिलाई मशीनों की घर्र-घर्र आवाज गूंजने लगती है, मानो हर मशीन अपने हुनर की एक नई कहानी बुन रही हो. यहां कपड़े सिर्फ सिले नहीं जाते, बल्कि हर टांके में वर्षों का अनुभव, भरोसा और ग्राहकों की पसंद को आकार दिया जाता है. टावर चौक के अंदर स्थित कृष्णा टॉकीज कंपाउंड वर्षों से लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. यहां 2, 5 या 10 नहीं, बल्कि करीब 30 से 40 टेलरों की दुकानें हैं, जहां हर दिन सैकड़ों लोग अपने पसंदीदा कपड़े सिलवाने पहुंचते हैं. इसकी सबसे खास बात यह है कि यहां कई दुकानें ऐसी हैं, जो दशकों पुरानी हैं और आज भी उसी विश्वास के साथ ग्राहकों की सेवा कर रही हैं.

इस परिसर की सबसे बड़ी पहचान इसकी तेज और बेहतरीन सेवा है. आज के दौर में जहां कपड़े सिलवाने के लिए कई दिनों का इंतजार करना पड़ता है. वहीं, कृष्णा टॉकीज परिसर के कई दर्जी महज कुछ घंटों में कपड़े तैयार कर देते हैं.

किसी को शादी में जाना हो, किसी को अचानक किसी कार्यक्रम में शामिल होना हो या फिर किसी विशेष अवसर के लिए नया परिधान चाहिए हो तो यहां के कारीगर कम समय में शानदार फिटिंग के साथ कपड़े तैयार कर देते हैं. यही वजह है कि देवघर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी लोग यहां पहुंचते हैं.

यहां सिर्फ शर्ट-पैंट की सिलाई ही नहीं होती, बल्कि शेरवानी, सूट, ब्लेजर, लहंगा, कुर्ता-पायजामा और यहां तक कि छोटे-छोटे कपड़ों की सिलाई का काम भी किया जाता है. ग्राहकों की जरूरत और पसंद के अनुसार डिजाइन तैयार किए जाते हैं. आधुनिक फैशन के साथ-साथ पारंपरिक पहनावे को भी यहां के दर्जी खूबसूरती से तैयार करते हैं.

Add News18 as
Preferred Source on Google

सबसे खास बात यह है कि इतनी अच्छी गुणवत्ता और फिटिंग के बावजूद यहां सिलाई की कीमत आम लोगों की पहुंच में है. शर्ट-पैंट की सिलाई लगभग 500 रुपये से शुरू हो जाती है, जिसके कारण हर वर्ग के लोग यहां बेझिझक आते हैं.

जुगनू टेलर के मालिक मोहम्मद अशरफ बताते हैं कि उनका परिवार वर्षों से इस पेशे से जुड़ा हुआ है. वह पिछले 40 वर्षों से इसी दुकान में काम कर रहे हैं और अब इस परंपरा की दूसरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

उनके अनुसार कृष्णा टॉकीज परिसर सिर्फ कारोबार की जगह नहीं, बल्कि दर्जियों की एक ऐसी पहचान है, जिसने हजारों परिवारों को रोजगार दिया है. उन्होंने बताया कि यहां आने वाला ग्राहक कभी निराश नहीं लौटता, क्योंकि हर दुकान का उद्देश्य बेहतर काम और ग्राहक की संतुष्टि होता है.

समय के साथ फैशन बदलता रहा, है, लेकिन कृष्णा टॉकीज परिसर की लोकप्रियता कम नहीं हुई. नई-नई रेडीमेड दुकानों और ऑनलाइन फैशन के दौर में भी यहां के दर्जियों पर लोगों का भरोसा कायम है. इसका सबसे बड़ा कारण है वर्षों का अनुभव, बेहतरीन फिटिंग और ग्राहकों के साथ बना विश्वास.

यही वजह है कि देवघर में जब भी किसी को कपड़ा सिलवाना होता है, तो सबसे पहले कृष्णा टॉकीज परिसर का रास्ता याद आता है. यह जगह आज भी देवघर की टेलरिंग संस्कृति की पहचान बनी हुई है, जहां सुई-धागे से सिर्फ कपड़े नहीं, बल्कि भरोसे और परंपरा की कहानी भी बुनी जाती है.



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top