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रांची की बेटी अवनी केजरीवाल को सीबीएसई 12वीं री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) के दौरान 500 में 500 अंक प्राप्त हुए हैं। री-इवैल्यूएशन से उनके कुल अंकों में 24 अंक बढ़ गए हैं। अवनी केजरीवाल कहती हैं, “अभी सब बहुत खुश हैं। हमें 500 अंकों की उम्मीद नहीं थी, लेकिन सब बहुत खुश हैं। इंग्लिश में मेरे 19 अंक कट गए थे, जिसकी मुझे उम्मीद नहीं थी। इंग्लिश मेरा पसंदीदा और सबसे मज़बूत विषय था। इसीलिए मैंने री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई किया था। बिज़नेस स्टडीज़ में भी 5 अंक कटे थे। मुझे पहले ही 3 विषयों में 100 में से 100 अंक मिल चुके थे। अब मेरा स्कोर 24 अंक बढ़ गया है।” पांच विषय में मिले पूरे नंबर अवनी ने अपने पांचों सब्जेक्ट में 100-100 नंबर प्राप्त किया है। इसमें इंग्लिश कोर, अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, इकोनॉमिक्स और एप्लाइड मैथेमेटिक्स शामिल हैं। इसके अलावा अतिरिक्त विषय ग्राफिक्स में भी उन्हें 99 अंक मिले हैं। अब अवनी स्टेट टॉपर में शामिल हो गई है। अवनी केजरीवाल धुर्वा स्थित डीपीएस सेल टाउनशिप की छात्रा हैं। उनके पिता मितेश केजरीवाल बिजनेसमैन हैं, जबकि मां पूनम केजरीवाल हाउसवाइफ हैं। उनके पेरेंट्स का कहना है कि अवनी शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रही हैं और उसने लगातार मेहनत के दम पर ये मुकाम हासिल किया है। 3 स्टेप में होती है री-इवैल्युएशन की पूरी प्रोसेस स्कैन कॉपी: छात्र सबसे पहले अपनी आंसर-सीट की स्कैन कॉपी मांगता है, ताकि वह देख सके कि कॉपी सही तरीके से जांची गई है या नहीं। इससे अन चेक आसंर, मार्किंग मिस्टेक या पेज मिसिंग जैसी गड़बड़ियां पकड़ने में मदद मिलती है। मार्क्स वेरिफिकेशन : अगर छात्र को लगता है कि नंबर जोड़ने या मार्क्स एंट्री में गलती हुई है, तो वह वेरिफिकेशन के लिए आवेदन करता है। इसमें सीबीएसई सिर्फ टोटल मार्क्स, अनचेक आंसर और डाटा एंट्री की गड़बड़ी की जांच करता है। री-इवैल्युएशन : स्कैन कॉपी देखने के बाद छात्र तय सवाल चुनकर री-इवेल्युएशन के लिए आवेदन करता है। सीबीएसई एग्जामिनर उन आंसर को दोबारा जांचता है, जिससे मार्क्स बढ़, घट या समान रह सकते हैं।
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