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JTET 2026 Math Preparation: जेटीईटी परीक्षा के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 20 जुलाई तक बढ़ा दी गई है और अब कैंडिडेट्स के पास तैयारी का कुछ ज्यादा समय है. इस एग्जाम की गणित विषय की तैयारी के लिए पलामू की विशेषज्ञ श्वेता कुमारी ने जरूरी टिप्स दिए.
पलामू. झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) के लिए आवेदन प्रक्रिया भरने की तिथि फिर से बढ़ा दी गई है. अब आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई कर दी गई है, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिला है. वहीं, JTET के पेपर-1 और पेपर-2 में गणित एक महत्वपूर्ण विषय है. विशेष रूप से पेपर-1 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए गणित अनिवार्य विषय है, जबकि पेपर-2 में गणित एवं विज्ञान समूह चुनने वाले अभ्यर्थियों को भी इस विषय पर अच्छी पकड़ बनानी होगी. इस विषय की तैयारी के लिए कुछ खास ट्रिक अपना सकते हैं.
रोजाना दें कम से कम डेढ़ घंटे का समय
विशेषज्ञ श्वेता कुमारी ने लोकल18 को बताया कि गणित में अच्छे अंक पाने के लिए हर दिन एक से डेढ़ घंटे का समय केवल गणित विषय को देना चाहिए. नियमित अभ्यास से प्रश्नों को हल करने की गति बढ़ती है और कठिन लगने वाले टॉपिक भी धीरे-धीरे आसान हो जाते हैं. गणित ऐसा विषय है, जिसमें केवल पढ़ना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि लगातार प्रश्नों का अभ्यास करना जरूरी होता है.
इन टॉपिक पर बनाएं मजबूत पकड़
उन्होंने बताया कि JTET की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को संख्या पद्धति (Number System), भिन्न (Fraction), दशमलव, प्रतिशत, लाभ-हानि, अनुपात एवं समानुपात, औसत, समय और कार्य, क्षेत्रमिति (Mensuration), ज्यामिति (Geometry), बीजगणित (Algebra) तथा डेटा हैंडलिंग जैसे टॉपिक पर विशेष ध्यान देना चाहिए. कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 स्तर के कई विषय समान होते हैं, हालांकि प्रश्नों का स्तर अलग-अलग हो सकता है. लेकिन रोजाना प्रैक्टिस करके इसे क्रैक कर सकते हैं.
गणित पेडागॉजी भी है बेहद महत्वपूर्ण
उन्होंने यह भी बताया कि कई अभ्यर्थी केवल गणितीय सवालों की तैयारी करते हैं, जबकि परीक्षा में गणित शिक्षण पद्धति (Mathematics Pedagogy) से भी महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे जाते हैं. इसमें बच्चों को गणित सिखाने की विधि, सीखने की प्रक्रिया, समस्या समाधान आधारित शिक्षण, मूल्यांकन तकनीक तथा गतिविधि आधारित शिक्षण से जुड़े प्रश्न शामिल होते हैं. इसलिए विषय ज्ञान के साथ-साथ पेडागॉजी की तैयारी भी जरूरी है.
मॉडल पेपर और पुराने प्रश्नपत्रों का लें सहारा
वे आगे कहती हैं कि गणित में सफलता के लिए पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और मॉडल सेट हल करना काफी फायदेमंद साबित होता है. इससे परीक्षा का पैटर्न समझने और समय प्रबंधन में मदद मिलती है. अगर अभ्यर्थी नियमित अभ्यास, अवधारणाओं की स्पष्ट समझ और गणित पेडागॉजी की बेहतर तैयारी पर ध्यान दें, तो जेटीईटी में अच्छे अंक प्राप्त कर शिक्षक बनने के सपने को साकार कर सकते हैं.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें