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पश्चिम बंगाल के बाद अब बीजेपी ने पंजाब पर फोकस बढ़ा दिया है. पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के हालिया पंजाब दौरे के बाद संगठन ने राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है. आने वाले दिनों में युवा और दलित वर्ग को जोड़ने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम चलाए जाएंगे.
हाल ही में नितीन नवीन राघव चड्ढा के साथ पंजाब के दौरे पर थे.
नई दिल्ली/चंडीगढ़. पश्चिम बंगाल में बंपर जीत के बाद अब बीजेपी ने पंजाब को भी अपनी अगली बड़ी राजनीतिक प्रयोगशाला बनाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के हालिया पंजाब दौरे के बाद मिले संकेत बताते हैं कि इस बार बीजेपी किसी सहयोगी दल के सहारे नहीं, बल्कि अपने दम पर राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. यह फैसला केवल सीटों की संख्या बढ़ाने का नहीं, बल्कि पंजाब में बीजेपी की स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश माना जा रहा है. पार्टी का मानना है कि अगर हर सीट पर मजबूत संगठन खड़ा किया जाए तो आने वाले वर्षों में पंजाब की राजनीति में उसकी भूमिका कहीं अधिक प्रभावशाली हो सकती है.
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व ने साफ संदेश दिया है कि चुनाव की तैयारी केवल उम्मीदवार घोषित करने से नहीं होगी, बल्कि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना होगा. इसी वजह से कार्यकर्ताओं को पार्टी विस्तार से जुड़े कार्यक्रमों को तेज करने और गांव-गांव तक संगठन पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं. अगले दो महीनों में राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेताओं के पंजाब दौरे भी इसी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं. इन दौरों का मकसद केवल बैठकें करना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को चुनावी एजेंडा समझाना और संगठन में नई ऊर्जा भरना होगा.
युवा और दलितों पर फोकस
बीजेपी की नजर इस बार खास तौर पर दो वर्गों पर है- युवा और दलित. पंजाब में दलित आबादी का बड़ा हिस्सा है और राज्य की चुनावी राजनीति में उसका असर काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. वहीं पहली बार वोट देने वाले और युवा मतदाताओं को भी पार्टी अपने साथ जोड़ना चाहती है. सूत्रों के मुताबिक, इसी वजह से आने वाले दिनों में इन दोनों वर्गों को केंद्र में रखकर अलग-अलग कार्यक्रम चलाए जाएंगे. इतना ही नहीं, पार्टी की रणनीति यह भी है कि विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में युवाओं को टिकट देकर यह संदेश दिया जाए कि बीजेपी पंजाब में नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है.
क्या मुद्दा लेकर जाएगी बीजेपी
चुनावी मुद्दों की बात करें तो बीजेपी इस बार राष्ट्रीय एकता और ‘नशा मुक्त भारत’ को अपना प्रमुख एजेंडा बनाने की तैयारी में है. पार्टी का मानना है कि पंजाब लंबे समय से नशे के मुद्दे से जूझता रहा है और इसे चुनावी बहस के केंद्र में लाया जा सकता है. इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा और एकता जैसे मुद्दों को भी अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा. दूसरी ओर, राजनीतिक मोर्चे पर पार्टी आम आदमी पार्टी सरकार को सीधे घेरने की रणनीति पर भी काम कर रही है. सूत्रों के अनुसार, जल्द ही राज्य सरकार के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की सूची जारी की जा सकती है और उसके बाद पूरे पंजाब में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे.
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