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भास्कर न्यूज | गढ़वा गढ़वा शहर से आरंगी मोड़ तक निर्माणाधीन सड़क लोगों के लिए राहत से अधिक परेशानी का कारण बनती जा रही है। विशेषकर नवादा मोड़ से रंका मोड़ तक सड़क के एक हिस्से में अब तक कालीकरण (ब्लैक टॉप) का कार्य पूरा नहीं होने से क्षेत्र में धूल का गुबार छाया है। इसका असर न केवल राहगीरों पर पड़ रहा है, बल्कि सड़क किनारे रहने वाले लोगों और दुकानदारों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। लगातार उड़ती धूल के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सुबह से शाम तक सड़क पर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। जैसे ही कोई वाहन गुजरता है, धूल का बड़ा गुबार उठता है, जिससे दुकानों के अंदर तक धूल भर जाती है। कई दुकानदारों ने बताया कि उन्हें दिन में कई बार अपनी दुकानों की सफाई करनी पड़ती है, लेकिन कुछ ही देर बाद फिर वही स्थिति हो जाती है। इसका सीधा असर व्यापार पर भी पड़ रहा है, क्योंकि ग्राहक भी धूल और गंदगी के कारण दुकानों में रुकना नहीं चाहते। उड़ती धूल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक : सीएस : स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इस स्थिति को गंभीर मान रहे हैं। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. केनेडी ने कहा कि लगातार उड़ने वाली धूल लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। उन्होंने बताया कि धूल के महीन कण सांस के माध्यम से फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं, जिससे एलर्जी, खांसी, दमा और फेफड़ों से जुड़ी अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि सड़क के आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। डॉ. केनेडी ने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि धूल वाले क्षेत्रों से गुजरते समय मास्क का उपयोग करें। जिन लोगों को पहले से सांस या एलर्जी की समस्या है, उन्हें अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक रूप से धूल वाले वातावरण में जाने से बचाना चाहिए। यदि किसी को लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या आंखों में जलन की शिकायत हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। दो टैंकर नियमित पानी का छिड़काव कर रहे : प्रदीप उधर, सड़क निर्माण को लेकर उठ रहे सवालों पर पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रदीप कुमार ने कहा कि धूल की समस्या को कम करने के लिए विभाग द्वारा दो पानी के टैंकर लगाए गए हैं, जो नियमित रूप से सड़क पर पानी का छिड़काव कर रहे हैं। हालांकि तेज धूप और लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण धूल पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और नवादा मोड़ से रंका मोड़ तक के अधूरे हिस्से को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। कार्यपालक अभियंता ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर सड़क के इस हिस्से को ढकने और कालीकरण का कार्य पूरा करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे लोगों को धूल की समस्या से राहत मिल सके।
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