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जमशेदपुर में ब्रेन मलेरिया का कहर, 3 बच्चियों की मौत के बाद...


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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित आपात बैठक में विधायक ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों में तत्काल विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं. घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाए और जरूरतमंदों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएं.

जमशेदपुर में ब्रेन मलेरिया का कहर, 3 बच्चियों की मौत के बाद हाई अलर्टZoom

ब्रेन मलेरिया ने ली तीन मासूमों की जान

जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर जिले के पोटका प्रखंड में मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. कई गांव इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं. स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि ब्रेन मलेरिया से तीन आदिवासी बच्चियों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग संक्रमित होकर सदर अस्पताल और एमजीएम अस्पताल में इलाज करा रहे हैं. लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है और प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.

मलेरिया के बढ़ते प्रकोप के बीच पोटका के विधायक संजीव सरदार ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया. सबसे पहले उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचकर भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली. इसके बाद वे मलेरिया प्रभावित गांवों में पहुंचे और ब्रेन मलेरिया से जान गंवाने वाली सानग्राम गांव की बच्ची के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की.

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित आपात बैठक में विधायक ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों में तत्काल विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं. घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाए और जरूरतमंदों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएं. साथ ही मलेरिया की रोकथाम के लिए डीडीटी पाउडर का व्यापक स्तर पर छिड़काव करने और लोगों को बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया.

विधायक ने यह भी कहा कि स्थिति को देखते हुए अन्य प्रखंडों से अतिरिक्त स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाए, ताकि इलाज और सर्वेक्षण का काम तेजी से पूरा हो सके. इसके अलावा उन्होंने टाटा स्टील के सहयोग से प्रभावित क्षेत्रों में मच्छरदानियों का वितरण कराने और एक-दो दिनों के भीतर डीडीटी छिड़काव शुरू करने का निर्देश दिया. संजीव सरदार ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि राहत और बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि किसी स्तर पर कोताही सामने आती है तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने कहा कि पोटका के कुछ इलाके अब मलेरिया प्रभावित क्षेत्र बन चुके हैं. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा. उनका कहना है कि समय पर प्रभावी कदम उठाकर ही इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है और पोटका को जल्द से जल्द मलेरिया मुक्त बनाया जा सकता है. फिलहाल स्वास्थ्य विभाग प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी रख रहा है और लोगों से सावधानी बरतने तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की अपील कर रहा है.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें



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