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पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को फिर एक बच्ची की मौत हो गई। मृतका की एक बहन की ब्रेन मलेरिया से ही चार दिन पहले मौत हो गई थी। वहीं, उनकी तीसरी बहन भी ब्रेन मलेरिया से संक्रमित है और उसका इलाज जारी है। दो बहनों की मौत से गांव में शोक मृतका की पहचान पोटका प्रखंड के हरिणा पंचायत अंतर्गत कंदर गांव निवासी महावीर सरदार की बेटी खुशबू सरदार के रूप में की गई है। उसकी मौत सोमवार सुबह एमजीएम अस्पताल में हो गई। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के सामने इलाज और अंतिम संस्कार दोनों की चुनौती खड़ी हो गई है। इधर, स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार प्रखंड में अब तक इस बीमारी से चार लोगों की जान जा चुकी है। एमजीएम अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र राठौड़ ने बताया कि गंभीर मरीजों का इलाज अस्पताल में किया जा रहा है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सात स्थानों पर विशेष जांच शिविर आयोजित किए
स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को पोटका के सात स्थानों पर विशेष जांच शिविर आयोजित किए। इस दौरान 465 लोगों की जांच की गई, जिसमें 29 नए ब्रेन मलेरिया के मरीज मिले। सभी संक्रमितों को दवा उपलब्ध कराकर उपचार शुरू कर दिया गया है। साथ ही ग्रामीणों को मच्छरों से बचाव और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रभावित क्षेत्रों में अब तक पर्याप्त संख्या में मच्छरदानियों का वितरण नहीं किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पोटका अब जिले में ब्रेन मलेरिया का सबसे बड़ा हॉट स्पॉट बन चुका है। यहां मरीजों की संख्या 40 के करीब पहुंच गई है, जबकि पूरे पूर्वी सिंहभूम जिले में 66 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। पोटका के अलावा गुड़ाबांधा, परसुडीह, राजनगर और चांडिल में भी मरीज मिले हैं। लगातार बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग निगरानी, जांच और उपचार अभियान को और तेज करने की तैयारी में जुटा है।
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