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जगन्‍नाथ रथ यात्रा में जा रहे हैं? ऑनलाइन सस्‍ता होटल मिल रहा...


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पुरी रथ यात्रा में जा रहे हैं? ऑनलाइन सस्‍ता होटल मिल रहा है, भूलकर न करें बुक

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Jagannath Rath Yatra Online Fraud- अगर आप भगवान जगन्‍नाथ रथ यात्रा में शामिल होने के लिए पुरी जाने की तैयारी कर रहे हैं और वहां पर रुकने के लिए ऑनलाइन होटल बहुत ही सस्‍ते मिल रहे हो तो सचेत हो जाएं. हो सकता है ये वेबसाइट फर्जी हो और के पैसे डूब जाएं. आप ठगी के शिकार हो जाएं. पुलिस ने इस तरह की 46 वेबसाइटें बंद कराई हैं.

पुरी रथ यात्रा में जा रहे हैं? ऑनलाइन सस्‍ता होटल मिल रहा है, भूलकर न करें बुकZoom

नामी होटलों से मिलती जुलती बना रखी थी वेबसाइट.

भुवनेश्‍वर. अगर आप भगवान जगन्‍नाथ की रथ यात्रा में शामिल होने के लिए पुरी जाने की प्‍लानिंग कर रहे हैं और वहां रुनके के लिए ऑनलाइन होटल बुक करने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए. ओडिशा पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है, जो श्रद्धालुओं को फर्जी वेबसाइटों के जरिए होटल के नाम पर ठग रहे थे. पुलिस ने पिछले नौ दिनों में ऐसी 46 फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइटों को बंद कराया है.

क्राइम ब्रांच के अनुसार पुरी में बड़ी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन होटल बुकिंग के नाम पर ठगी की शिकायत दर्ज कराई है. कई श्रद्धालु एडवांस पैसे भी दे चुके हैं और उनका होटल बुक नहीं हुआ है. शिकायतें मिलने के बाद साइबर सेल ने चौबीसों घंटे निगरानी शुरू की और एक-एक कर फर्जी वेबसाइटों की पहचान कर उन्हें ब्लॉक कराया.

पुरी पहुंचने पर ठगे जाना का चला पता

ऐसा ही एक मामला राजस्थान के एक पर्यटक के साथ सामने आया. उसने अपने परिवार के लिए तीन कमरे ऑनलाइन बुक किए थे, लेकिन होटल पहुंचे तो पता चला कि उसके नाम से कोई रूम बुक नहीं है. इसके बाद उन्‍होंने पुलिस से शिकायत की.

46 फर्जी वेबसाइट बंद

क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केवल पिछले सप्ताह में ही 46 फर्जी वेबसाइटों का पता लगाया गया. इनमें सबसे ज्यादा 11 वेबसाइटें 27 जून को बंद कराई गईं, जबकि 20 से 22 जून के बीच 15 फर्जी पोर्टल हटाए गए.

सस्‍ता होटल और वीआईपी दर्शन का झांसा

पुलिस के अनुसार हर साल रथ यात्रा में लाखों श्रद्धालु देशभर से पुरी पहुंचते हैं. इसी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी कम किराए में होटल, वीआईपी दर्शन और दूसरी सुविधाएं दिलाने का झांसा देते हैं. लोग भरोसा कर एडवांस भुगतान कर देते हैं और बाद में उन्हें पता चलता है कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं.

नामी ब्रांड से मिलती जुलती वेबसाइट

जांच में यह भी सामने आया है कि ठग असली होटलों की वेबसाइट जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइटें तैयार करते हैं. कई बार ये वेबसाइटें इंटरनेट सर्च में भी ऊपर दिखाई देती हैं. इस वजह से लोगों को इनके फर्जी होने का अंदाजा नहीं लग पाता.

5 लाख रुपए गवां चुके श्रद्धालु

क्राइम ब्रांच के अनुसार पिछले एक साल में ऐसे मामलों में करीब 30 पर्यटक लगभग 5 लाख रुपये गंवा चुके हैं. पिछले साल श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने भी मंदिर के गेस्ट हाउस की फर्जी बुकिंग वेबसाइटों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि होटल बुकिंग या किसी भी सेवा के लिए केवल आधिकारिक और भरोसेमंद वेबसाइटों का ही इस्तेमाल करें.

About the Author

Sharad Pandeyविशेष संवाददाता

करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें



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