रांची3 घंटे पहले
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महंगे ठेके का असर मेले में लगने वाली दुकानों पर पड़ने की संभावना
आगामी 16 जुलाई से शुरू होने जा रही ऐतिहासिक रथयात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस दौरान धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर में 10 दिवसीय भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा। रथ मेला परिसर में लगने वाली दुकानों के लिए सोमवार को टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
इस बार ‘आरएस इंटरप्राइजेज’ (मालिक: राजेश चंद्रा, निवासी: मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल) ने सबसे अधिक 2 करोड़ 27 लाख 21 हजार 112 रुपए की बोली लगाकर मेला संचालन का ठेका अपने नाम किया है। पिछले तीन वर्षों में यह अब तक का सबसे महंगा ठेका है, जिसका सीधा असर मेले में लगने वाली छोटी-बड़ी दुकानों के किराए पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
यह निविदा प्रक्रिया एडीएम लॉ एंड ऑर्डर धनंजय, जगन्नाथ मंदिर के प्रथम सेवक ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव, सचिव प्रसन्न कुमार, विनोद कुमार तथा आवासीय पदाधिकारी स्मृति कुमारी की उपस्थिति में जगन्नाथपुर थाना परिसर में संपन्न हुई। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था का ठेका ‘वर्जन सिक्योरिटी एंड फैसिलिटी सर्विसेज प्रा. लि.’ को मिला है। ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथ मेले के सफल संचालन और लगातार बढ़ते राजस्व को देखते हुए इस बार जिला प्रशासन ने मेले के ठेके की न्यूनतम आरक्षित राशि (बेस प्राइस) 1 करोड़ 5 लाख रुपए तय की थी। इसके लिए विभिन्न फर्म, कंपनी, ट्रस्ट, एलएलपी और सोसायटियों से सीलबंद निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। आवेदन 20 जून से 28 जून तक जमा किए गए थे, जिसके बाद 29 जून को टेंडर खोला गया।
मेले के लिए स्टॉल की दरें जल्द होंगी तय
सफल बोलीदाता द्वारा मेले के लिए स्टॉल का रेट जल्द ही जारी किया जाएगा। सफल बोलीदाता को मेले में स्टॉल संचालन और उप-विक्रेताओं (सब-वेंडर्स) को अधिकृत करने का अधिकार होगा। इसके अलावा, मेले में निर्बाध बिजली आपूर्ति, झूलों व अन्य मनोरंजन साधनों के संचालन और सभी वैधानिक मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी ठेका लेने वाली एजेंसी की ही होगी।
तीन दिनों के भीतर जमा करने होंगे 1.13 करोड़ रुपए
नियमों के मुताबिक, सफल बोलीदाता को परिणाम घोषित होने के तीन दिनों के भीतर कुल निविदा राशि (2,27,21,112 रुपए) का 50 प्रतिशत यानी लगभग 1.13 करोड़ रुपए जमा करना होगा। इसके साथ ही शेष राशि के लिए बैंक गारंटी देनी होगी, जिसे 25 जुलाई तक जमा करना अनिवार्य है। गौरतलब है कि निविदा में भाग लेने के लिए सभी आवेदकों के लिए 2.10 लाख रुपए का बैंक ड्राफ्ट जमा करना अनिवार्य किया गया था। साथ ही, मेला वेंडर के रूप में केंद्र या राज्य सरकार से निबंधित (रजिस्टर्ड) होना भी आवश्यक था।
पिछले चार वर्षों के टेंडर के आंकड़े:
| वर्ष | न्यूनतम आरक्षित राशि (बेस प्राइस) | अंतिम सफल बोली (फाइनल टेंडर राशि) |
| 2023 | 31 लाख रुपए | 75 लाख रुपए |
| 2024 | 31 लाख रुपए | 1.92 करोड़ रुपए |
| 2025 | 31 लाख रुपए | 51.51 लाख रुपए |
| 2026 | 1.05 करोड़ रुपए | 2 करोड़ 27 लाख 21 हजार 112 रुपए |
