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रांची नई दिल्ली में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने राज्य की ओर से प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बताया कि केंद्र के पास झारखंड का मनरेगा मटेरियल मद में लगभग ₹900 करोड़ बकाया है। राशि लंबित होने से ग्रामीण विकास प्रभावित हो रहा है, इसलिए नई योजना शुरू होने से पहले इस बकाए का भुगतान किया जाए। वहीं, झारखंड की 32 लाख एसएचजी महिलाओं को सशक्त करने के लिए रूरल इंडस्ट्री स्थापित करने और उनके पलाश व अदिवा जैसे ब्रांड्स को ग्लोबल मार्केट देने की मांग की। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने झारखंड द्वारा उठाए गए इन सभी बिंदुओं और सुझावों पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। केंद्र-राज्य की 60-40 हिस्सेदारी पर चिंता जताते हुए दीपिका ने पूछा कि मजदूरों को 100 के बजाय 125 दिन का काम देने के लिए क्या पर्याप्त बजट उपलब्ध है? राज्य में बढ़ती महंगाई का हवाला देते हुए उन्होंने मनरेगा मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी दर को वर्तमान 282 रु. (केंद्र: 255 रु, राज्य: 27 रु) से बढ़ाकर 433 रु. करने की मांग की। इसके अलावा मंत्री ने वी बी ग्राम जी योजना से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम हटाने का मुद्दा उठाते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
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