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झारखंड में आज से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू, BLO करेंगे घर-घर जाकर सत्यापन रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया मंगलवार (30 जून) से शुरू होने जा रही है। इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं को दो इन्यूमरेशन फॉर्म (गणना पत्र) देंगे और उनका भौतिक सत्यापन करेंगे। इस पूरे महाअभियान में करीब 60 हजार सरकारी कर्मियों को शामिल किया गया है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं की पहले से मैपिंग हो चुकी है, उन्हें फॉर्म भरते समय किसी भी प्रकार का अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। दूसरे राज्यों के मतदाताओं के लिए नियम मैपिंग का आधार: जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है, वे बिहार या पश्चिम बंगाल में हुए अंतिम एसआईआर (SIR) के रिकॉर्ड को आधार बनाकर अपनी मैपिंग करा सकते हैं। झारखंड में रहने वाले अन्य राज्यों के मतदाता भी अपने राज्य में हुए अंतिम एसआईआर के वर्ष को आधार बना सकेंगे। नाम हटवाना जरूरी: यदि किसी मतदाता का नाम बिहार या पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में पहले से दर्ज है और वह उसी आधार पर झारखंड का मतदाता बनना चाहता है, तो उसे पहले संबंधित राज्य की मतदाता सूची से अपना नाम हटवाना होगा। इसके लिए फॉर्म-7 भरना अनिवार्य होगा। नए वोटरों को राहत: ऐसे मतदाताओं की संतान, जो पहली बार वोटर बन रही है, वे अपने पिता के नाम और रिकॉर्ड के आधार पर सीधे मैपिंग करा सकेंगे। एसआईआर (SIR) के दौरान कौन से दस्तावेज देने होंगे? जिन मतदाताओं की मैपिंग पहले से पूरी है, उन्हें किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। इन्यूमरेशन फॉर्म में क्या भरना होगा? बीएलओ द्वारा दो फॉर्म दिए जाएंगे। मतदाताओं को दोनों फॉर्म में आवश्यक जानकारी भरकर हस्ताक्षर करने होंगे और अपना एक वर्तमान रंगीन फोटो चिपकाना होगा। नए वोटरों (फर्स्ट टाइम वोटर्स) को क्या करना होगा? जो नागरिक 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, उन्हें फॉर्म-6, घोषणा पत्र और आवश्यक दस्तावेज (जैसे जन्म प्रमाणपत्र व पहचान पत्र) जमा करने होंगे। बीएलओ (BLO) घर आए या नहीं, यह कैसे पता चलेगा? सत्यापन के बाद बीएलओ प्रत्येक घर पर एक स्टिकर लगाएंगे, जिस पर उनका नाम और मोबाइल नंबर दर्ज होगा। यदि बीएलओ से मुलाकात न हो पाए तो क्या करें? घर पर लगे स्टिकर में दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके बीएलओ से सीधे संपर्क किया जा सकता है। दूसरे राज्यों/शहरों में रह रहे लोग क्या करें? उन्हें इस प्रक्रिया के लिए व्यक्तिगत रूप से आने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने परिवार के सदस्यों के माध्यम से बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। जिनकी मैपिंग नहीं हुई है, उनके लिए क्या व्यवस्था है? राज्य के 81 विधानसभा क्षेत्रों में अब तक 82% मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है। जो मतदाता अभी भी अनमैप्ड हैं, उन्हें पिछले एसआईआर के आधार पर बीएलओ को जानकारी देनी होगी। यदि इसके बाद भी मैपिंग नहीं हो पाती है, तो बीएलओ द्वारा निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी की ओर से एक नोटिस दिया जाएगा। नोटिस मिलने पर वोटर अपने दस्तावेज बीएलओ को उपलब्ध कराएंगे, जिसके बाद उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाएगा। एसआईआर (SIR) का पूरा शेड्यूल इस विशेष अभियान की महत्वपूर्ण तारीखें नीचे दी गई तालिका के अनुसार हैं:
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