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जेपीएससी: बिहार-झारखंड के किस जिले से नक्सलवाद की शुरुआत पर विवाद




किताब की छाया प्रति सौंपी आदिवासी छात्र संघ ने अपने दावे के समर्थन में प्रश्न पत्र की प्रति, झारखंड की रूपरेखा पुस्तक का कवर पेज और संबंधित अध्याय के पृष्ठ 580 और 581 की छायाप्रति भी परीक्षा नियंत्रक को सौंपी है। संघ ने मांग की है कि छात्र हित, परीक्षा की निष्पक्षता और ऐतिहासिक तथ्यों को ध्यान में रखते हुए पेपर-2, बुकलेट सीरीज-ए के प्रश्न संख्या-43 की फाइनल आंसर-की की दोबारा समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किया जाए। रांची| झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की सिविल सेवा (सीधी भर्ती) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2025 की फाइनल आंसर-की एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार विवाद एकीकृत बिहार-झारखंड में नक्सलवाद की शुरुआत किस जिले से हुई, सवाल को लेकर है। आयोग ने जहानाबाद को सही उत्तर माना है, जबकि अभ्यर्थियों का कहना है कि ऐतिहासिक और अकादमिक साक्ष्यों के अनुसार यह सही जवाब नहीं है। आदिवासी छात्र संघ ने जेपीएससी परीक्षा नियंत्रक को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर फाइनल आंसर-की में संशोधन करने की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। कहा कि बदलाव होने से परिणाम पर भी असर पड़ सकता है। एकीकृत बिहार झारखंड में उग्रवाद (नक्सलवाद) की शुरुआत किस जिले से हुई थी? आयोग ने इसका सही उत्तर विकल्प (A) जहानाबाद घोषित किया है। जबकि डॉ. राम कुमार तिवारी की पुस्तक झारखंड की रूपरेखा के अध्याय उग्रवाद की रूपरेखा में प्रकाशित कालक्रम के अनुसार पहली घटना 1978 में पूर्णिया जिले के रूपसपुर में दर्ज है। वहीं जहानाबाद (नोन्ही नगवां) की घटना वर्ष 1988 की बताई गई है। छात्र संघ का कहना है कि जब प्रश्न में “शुरुआत” शब्द का प्रयोग किया गया है, तो कालक्रम के अनुसार उत्तर अलग होना चाहिए।



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