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India Pakistan Dialogue: भारत और पाकिस्तान के 100 से अधिक प्रमुख नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ को खुला पत्र लिखकर दोनों देशों के बीच बातचीत फिर से शुरू करने की अपील की है. पत्र में पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल करने, हाई कमिश्नरों की नियुक्ति, सामान्य वीजा सेवाएं शुरू करने, अटारी-वाघा सीमा खोलने, श्रीनगर-मुजफ्फराबाद बस सेवा बहाल करने और करतारपुर कॉरिडोर को फिर से सक्रिय करने की मांग की गई है. लेटर में साइन करने वालों में कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर भी शामिल हैं. उनका कहना है कि दक्षिण एशिया का भविष्य शांति, विकास और सहयोग में है, इसलिए दोनों देशों को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए.
भारत और पाकिस्तान के 100 से अधिक प्रमुख नागरिकों ने PM मोदी और शहबाज शरीफ से बातचीत फिर शुरू करने की अपील की है.
India Pakistan Dialogue: भारत और पाकिस्तान का संबंध लंबे समय से तनाव से गुजर रहा है. ऐसे माहौल में दोनों देशों के 100 से अधिक पूर्व राजनयिकों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य प्रमुख नागरिकों ने एक नई पहल करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को ओपेन लेटर लिखा है. इस लेटर में दोनों नेताओं से अपील की गई है कि वे टकराव की राजनीति से आगे बढ़कर बातचीत, सहयोग और सामान्य रिश्तों की दिशा में ठोस कदम उठाएं. अपील करने वालों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर का नाम भी शामिल है. उनका कहना है कि दक्षिण एशिया के करोड़ों लोगों का भविष्य शांति, विकास और आपसी सहयोग से जुड़ा है, इसलिए संवाद का रास्ता फिर से खोला जाना चाहिए.
यह ओपन लेटर सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस (Centre for Peace and Progress) की ओर से जारी किया गया है. इसमें भारत और पाकिस्तान के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल करने, नई दिल्ली और इस्लामाबाद में फिर से हाई कमिश्नर नियुक्त करने और सामान्य वीजा सेवाएं शुरू करने की मांग की गई है. लेटर में कहा गया है कि लगातार जारी दुश्मनी दोनों देशों के युवाओं से अवसर, समृद्धि और सुरक्षित भविष्य छीन रही है. लेटर पर साइन करने वालों ने दोनों प्रधानमंत्रियों से आग्रह किया कि वे आम लोगों की आकांक्षाओं को समझें और अलगाव के बजाय संवाद, टकराव के बजाय सहयोग तथा अविश्वास के बजाय भरोसे का रास्ता चुनें.
ओपन लेटर में क्या-क्या मांगें उठाईं गईं?
- ओपन लेटर में कहा गया है कि ‘भारत और पाकिस्तान मिलकर दुनिया की लगभग पांचवें हिस्से की आबादी का घर हैं. हमारी आबादी का बड़ा हिस्सा युवा है. दोनों देशों के लोग ऐसे भविष्य के हकदार हैं, जो शांति, विकास, संपर्क और सहयोग पर आधारित हो, न कि लगातार अविश्वास और टकराव पर.’ पत्र में दोनों देशों के बीच लंबित सभी मुद्दों पर व्यापक द्विपक्षीय वार्ता दोबारा शुरू करने की मांग की गई है. इसमें जम्मू-कश्मीर का भी उल्लेख करते हुए 2004 से 2007 के बीच तैयार किए गए बातचीत स्ट्रक्चर पर फिर से विचार करने का सुझाव दिया गया है.
- लेटर में यह भी कहा गया कि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए सैन्य तनाव कम करने और चरणबद्ध तरीके से तनाव घटाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए. साथ ही दोनों देशों की वैध सुरक्षा चिंताओं का भी सम्मान किया जाना चाहिए. लेटर पर साइन करने वालों का मानना है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ बातचीत शुरू होने पर कई पुराने विवादों का समाधान निकाला जा सकता है.
व्यापार, यात्रा और धार्मिक संपर्क बहाल करने की अपील
- लेटर में केवल राजनीतिक संवाद की ही बात नहीं की गई, बल्कि लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए कई व्यावहारिक सुझाव भी दिए गए हैं. इसमें अटारी-वाघा सीमा को व्यापार और आम लोगों की आवाजाही के लिए फिर से पूरी तरह खोलने, श्रीनगर-मुजफ्फराबाद बस सेवा बहाल करने और अन्य संपर्क परियोजनाएं शुरू करने की मांग की गई है. इसके अलावा दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक उड़ानों के लिए हवाई क्षेत्र फिर से खोलने का भी सुझाव दिया गया है ताकि यात्रा का समय और खर्च कम हो सके.
- धार्मिक और सांस्कृतिक संपर्क बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया है. लेटर में करतारपुर साहिब कॉरिडोर को दोबारा पूरी तरह सक्रिय करने और पाकिस्तान के नीलम वैली स्थित शारदा पीठ तक कश्मीरी पंडितों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने की अपील की गई है. साइन करने वालों का मानना है कि ऐसे कदम दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
आम लोगों की आवाज सुनने की अपील
लेटर के अंत में दोनों प्रधानमंत्रियों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा गया है, ‘हम आपसे सम्मानपूर्वक अनुरोध करते हैं कि आम लोगों की आकांक्षाओं को सुनें और अलगाव के बजाय संवाद, दुश्मनी के बजाय सहयोग तथा टकराव के बजाय सहभागिता का रास्ता चुनें. दक्षिण एशिया का भविष्य विभाजन और संघर्ष से नहीं, बल्कि शांति, समृद्धि और साझा प्रगति से तय होना चाहिए.’
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें