नई दिल्ली. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने कई गंभीर सवाल उठाए. कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अभी एसआईटी जांच पर ज्यादा भरोसा नहीं है. हम बार-बार पूछ रहे हैं कि किस आधार और किन पैमानों पर लोगों की नियुक्ति की गई? जिन्होंने उन्हें नियुक्त किया, उनसे भी सवाल पूछा जाना चाहिए. जब सिस्टम बनाए जा रहे थे, तो क्या कोई ऑडिट का तरीका था?
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने सवाल किया कि क्या मिले दान को दर्ज करने की कोई प्रक्रिया थी? या आपने बस राम मंदिर बनाया, उसका राजनीतिक फायदा उठाया और फिर उसे भूल गए? जब आप इतने बड़े संसाधन वाली संस्था बनाते हैं, तो आपको कुछ नियम-कायदे बनाने चाहिए थे या आपने इसे अपनी निजी संपत्ति समझ लिया? ये सवाल पूछा जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि हमारे सरकार के मुखिया ने कहा था कि वो हर जगह ड्रोन भेज देते हैं जानकारी जुटाने के लिए, तो क्या आपने इस तरह का कोई ड्रोन राम मंदिर में भी भेजा था या आपने यह मान लिया कि ये हमारे अपने लोग हैं. अगर इनमें किसी भी प्रकार की विसंगति है, तो इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता है. जिस तरह से इस पूरे मामले में वरिष्ठों का गैर जिम्मेदाराना व्यवहार रहा है, उसकी भी जांच होनी चाहिए.
वहीं, कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने भी राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर भी अपनी बात रखी. उनके मुताबिक, केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है. स्पष्ट शब्दों में कहा कि इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के जज के दायरे में होनी चाहिए. अब लोगों को ये बात समझ आ चुकी है कि राम मंदिर ट्रस्ट कितने बनाया, उसमें लोगों की नियुक्ति किसने की? राम जी को अयोध्या में लाने का दावा भी आप ही करते हैं और राम के नाम पर चोरी करने का काम जो कर रहे हैं, उन्हें आप बचा रहे हैं. जिस तरह से एसआईटी का गठन हुआ और उसके बाद जांच के लिए समय मांग लिया. इससे एक बात साफ जाहिर होती है कि जिस तरह से लीपापोती करनी थी, वैसा इन लोगों ने कर लिया. इसी को देखते हुए हम लोग चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के जज में जांच हो और दूध का दूध और पानी का पानी हो. भगवान राम के नाम पर इन लोगों ने मत ही नहीं, बल्कि पैसा भी लूटने का काम किया है, जो हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे.
भाजपा नेता विनय कटियार ने भी राम मंदिर चंदा चोरी विवाद मामले में अपनी तरफ से बातें रखीं. उनके मुताबिक, अच्छा काम चल रहा है, पूजा पाठ चल रहा है. भत्तों की भीड़ जुट रही है. अब इन लोगों ने कुछ किया होगा. मंदिर अपने स्थान पर है और जिन लोगों ने गड़बड़ी की है, उन लोगों के लिए दूसरा स्थान हो गया, जब हम जाएंगे, तो हमें पता है कि ये लोग नहीं जाएंगे. जब हम वहां पर जाएंगे, तो प्रसाद बांटेंगे. यह कोई मामूली बात नहीं है, यह पत्थर का बना मंदिर है, ऊपर सोना चढ़ा हुआ है. अब इस पर हम क्या ही कह सकते हैं. इसकी रक्षा करना हम सभी लोगों का सामूहिक का काम है.
उधर, मंत्री लखींद्र कुमार रौशन ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद को लेकर हो रही राजनीति पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि हमें अच्छे से पता है कि अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव ने राम भक्तों पर गोली चलाने का काम किया था. उन्होंने कभी भगवान राम को नहीं माना. ऐसी स्थिति में अखिलेश यादव से ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती.
उन्होंने कहा कि जब हम लोग यह नारा लगाया करते थे कि मंदिर वही बनाएंगे, तो कांग्रेस के लोग हम पर भगवान राम के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया करते थे. 500 वर्षों के संघर्ष के बाद आज वहां पर मंदिर बन गया. वहां पर करोड़ों का चढ़ावा आता है. श्रद्धालु पूरी दुनिया से वहां पर आते हैं. जिस किसी ने भी चंदे में धांधली की है, उसके खिलाफ ट्रस्ट की ओर से कार्रवाई की जाएगी. वहां पर सीएम योगी सत्ता की कमान संभाल रहे हैं. इसलिए कोई भी इस मामले में बच नहीं पाएगा. भगवान राम की नजर से कोई भी बचने वाला नहीं है.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने भी अपनी बात रखी. उनके मुताबिक, चंपल राय बंसल, अनिल मिश्रा, गोविंद गिरी, गोपाल राय, नृपेंद्र मिश्रा को तुरंत गिरफ्तार करके जेल भेजा जाना चाहिए. वहीं, समाजवादी पार्टी के विधायक संग्राम सिंह ने भी राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि चोरी हुई है, डकैती हुई है. प्रभु श्री राम नाराज हैं. भाजपा का नाश हो जाएगाा.