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पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के कब्जे के बाद टीएमसी विधायक कुणाल घोष और सांसद कल्याण बनर्जी कोलकाता में पार्टी दफ्तर पहुंचे. उन्होंने कहा कि वे कोई गैर-जिम्मेदाराना हरकत नहीं करेंगे, बल्कि बागी नेताओं से सम्मानपूर्वक बात करेंगे.
टीएमसी हेडक्वॉर्टर के पास सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है. (एएनआई)
ऋतब्रत गुट का टीएमसी मुख्यालय पर कब्जा, पार्टी की राजनीतिक पहचान की लड़ाई तेज हुई
कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर नियंत्रण करने को लेकर जारी लड़ाई शुक्रवार को तब एक नए दौर में पहुंच गई जब नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने कोलकाता में पार्टी के मुख्यालय पर कब्जा कर लिया. इससे एक दिन पहले ही उन्होंने निर्वाचन आयोग के सामने पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर अपना दावा पेश किया था.
‘मेट्रोपॉलिटन’ इलाके में स्थित यह कार्यालय वर्ष 2022 से पार्टी का अस्थायी मुख्यालय रहा है. ईएम बाईपास पर स्थित पार्टी के पुराने कार्यालय में नवीनीकरण का कार्य होने के कारण टीएमसी ने कार्यालय यहां स्थानांतरित किया था. इस जगह पर कब्जा करके बागी गुट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के साथ बढ़ती लड़ाई के बीच अपनी संगठनात्मक वैधता के दावे को मजबूत करने की कोशिश की.
ऋतब्रत ने फिरहाद हकीम, जावेद खान, संदीपन साहा और अखरुज्जमां जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ कार्यालय का दौरा किया और वहां एक बैठक की। उन्होंने दावा किया कि उनका गुट ही ‘असली’ तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करता है. गुट के नेताओं ने कहा कि उन्होंने इस जगह के मालिकों के साथ जरूरी समझौता पूरा कर लिया है और अब से वे इसी कार्यालय से काम करेंगे.
अखरुज्जमां ने पत्रकारों से कहा, “हम तृणमूल कांग्रेस हैं और यह कार्यालय तृणमूल कांग्रेस का है. पार्टी और इस कार्यालय के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव है.” यह घटनाक्रम ऋतब्रत के गुट और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वफादार खेमे के बीच बढ़ती खींचतान के बीच हुआ है. हाल के विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद दोनों पक्ष खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बता रहे हैं.
हालांकि, अब तक यह टकराव संगठन पर दावे, प्रस्तावों और कानूनी तर्कों तक ही सीमित था, लेकिन शुक्रवार के कदम का काफी राजनीतिक महत्व है. बागी गुट उस कार्यालय में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहता है, जहां से पार्टी 2022 से काम कर रही है. मेट्रोपॉलिटन इलाके में यह कार्यालय तब किराए पर लिया गया था जब पार्टी ने ईएम बाईपास स्थित अपने मूल मुख्यालय को स्थानांतरित कर दिया था क्योंकि वहां निर्माण का काम चल रहा है.
इस घटनाक्रम के बाद पार्टी मुख्यालय में हलचल मच गई. सूचना मिलते ही टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक कुणाल घोष तृणमूल भवन पहुंचे. उन्होंने कहा कि वे किसी तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकत नहीं करेंगे और बागी नेताओं से सम्मानजनक तरीके से बातचीत करेंगे. हालांकि, इस दौरान कल्याण बनर्जी ने बागी गुट पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, “कुछ गुंडे मिलकर पार्टी बना लें तो क्या हम उसे मान लेंगे? खेला आपने शुरू किया है, खत्म हम करेंगे. एक लड़ाई अदालत में होगी और दूसरी जनता की अदालत में.”
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें