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न होटल, न रेस्तरां… झारखंड के इस हाट में लोग खुद पकाते...


जमशेदपुर: झारखंड में जमशेदपुर के डिमना क्षेत्र में लगने वाला साप्ताहिक हाट अपनी अनोखी परंपरा और खास अंदाज के कारण लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है. आमतौर पर हाट बाजारों में लोग सब्जियां, फल, कपड़े या घरेलू सामान खरीदने पहुंचते हैं, लेकिन डिमना हाट की पहचान कुछ अलग ही है. यहां आने वाले लोगों को सिर्फ खरीदारी का ही नहीं, बल्कि अपने हाथों से खाना पकाने और उसे दोस्तों-परिजनों के साथ खाने का भी अनूठा अनुभव मिलता है. यही वजह है कि हर शुक्रवार इस बाजार में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं.

जानें कब-कब लगती है बाजार

डिमना हाट सप्ताह में दो दिन, मंगलवार और शुक्रवार को लगता है. मंगलवार को यहां मुख्य रूप से घरेलू सामान, सब्जियां और अन्य जरूरत की वस्तुओं की खरीदारी के लिए लोग आते हैं. वहीं, शुक्रवार का दिन पूरी तरह अलग माहौल लेकर आता है. इस दिन बाजार में नॉनवेज प्रेमियों की खास भीड़ देखने को मिलती है. सुबह से ही लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ यहां पहुंचने लगते हैं और बाजार का माहौल किसी छोटे फूड फेस्टिवल जैसा नजर आने लगता है.

मिट्टी के चूल्हे पर लोग  बनाते हैं खाना

इस हाट की सबसे खास बात यह है कि यहां स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बनाए गए मिट्टी के छोटे-छोटे चूल्हे उपलब्ध कराए जाते हैं. साथ ही खाना पकाने के लिए जरूरी बर्तन भी दिए जाते हैं. इसके लिए लोगों को मात्र 50 रुपये का शुल्क देना पड़ता है. इसके बाद ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार चिकन, मछली, बतख या अन्य नॉनवेज सामग्री, मसाले, तेल और अन्य जरूरी सामान खुद खरीदकर लाते हैं और फिर खुले माहौल में अपने हाथों से खाना बनाते हैं.

पिकनिक की तरह एंजॉय करते हैं लोग

यहां पहुंचने वाले लोगों का कहना है कि अपने हाथों से भोजन तैयार करने का आनंद किसी होटल या रेस्तरां में खाने से बिल्कुल अलग होता है. लोग अपने स्वाद और पसंद के अनुसार मसालों का इस्तेमाल करते हैं और फिर ताजा तैयार भोजन का लुत्फ उठाते हैं. कई परिवार इसे एक छोटे पिकनिक की तरह एंजॉय करते हैं, जबकि युवा दोस्तों के समूह के साथ यहां समय बिताने पहुंचते हैं. यही वजह है कि शुक्रवार को हाट में काफी चहल-पहल रहती है.

डिमना हाट स्थानीय ग्रामीणों के लिए भी रोजगार का एक अच्छा माध्यम बन गया है. मिट्टी के चूल्हे बनाने वाले कारीगर, बर्तन उपलब्ध कराने वाले लोग, मछली और चिकन बेचने वाले दुकानदार तथा मसाला विक्रेता सभी को इस बाजार से अच्छी आमदनी होती है. ग्रामीणों की मेहनत और पारंपरिक हुनर ने इस हाट को एक अलग पहचान दिलाई है.

जानें कब उमड़ती है भीड़

अगर आप भी खाने के शौकीन हैं और कुछ नया अनुभव करना चाहते हैं, तो डिमना का यह अनोखा हाट आपके लिए बेहतरीन जगह साबित हो सकता है. यहां आप सिर्फ खाना नहीं खाते, बल्कि उसे बनाने की पूरी प्रक्रिया का हिस्सा बनते हैं. शायद यही वजह है कि हर शुक्रवार इस बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है और डिमना हाट जमशेदपुर की सबसे दिलचस्प और अनोखी जगहों में से एक बन जाता है.



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