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UP Chunav 2027: रविवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन संग यूपी एनडीए नेताओं की बैठक से कई तरह के कयास लगने शुरू हो गए हैं. इस मुलाकात के तुरंत बाद सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने यूपी चुनाव 2027 में सीट शेयरिंग को लेकर जो बयान दिया है, वह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. राजभर ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि लोग तोप का लाइसेंस मांगते हैं तो कट्टा ही मिलता है, सही समय आने पर हैसियत देख ली जाएगी.
ओपी राजभर ने क्यों करन लगे हैं तोप और कट्टे की बात?
लखनऊ. ‘तोप का लाइसेंस मांगते हैं तो कट्टा ही मिलता है…’, रविवार को लखनऊ में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात के बाद ओपी राजभर ने यह बात क्यों कही? यूपी चुनाव 2027 से ठीक पहले बीते रविवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की यूपी एनडीए नेताओं से मुलाकात हुई थी. इस मुलाकात में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के सर्वेसर्वा ओम प्रकाश राजभर भी मिले. राजभर जब मिलकर बाहर आए तो मीडियाकर्मियों ने घेर लिया. किसी पत्रकार ने राजभर से पूछा कितनी सीटों की मांग आपने की? इस पर राजभर कहते हैं- लोग तोप का लाइसेंस मांगते हैं तो कट्टा ही मिलता है… अपने बयानों से हमेशा सुर्खियां बटोरने वाले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के सर्वेसर्वा और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के इस बयान के अब मायने निकाले जा रहे हैं. बता दें 2022 का चुनाव अखिलेश यादव के साथ ओपी राजभर लड़े थे, लेकिन चुनाव नतीजे आने के बाद वह पाला बदलकर बीजेपी के साथ आ गए.
तोप मांगो तो कट्टा मिलता है- राजभर
रविवार को बैठक खत्म होने के बाद जैसे ही ओपी राजभर बाहर निकले, मीडियाकर्मियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया. जब एक पत्रकार ने उनसे तीखा सवाल पूछा, गठबंधन में आपने कितनी सीटों की मांग रखी है? तो राजभर ने अपने चिरपरिचित देसी और बेबाक अंदाज में जवाब देकर सबको चौंका दिया. राजभर ने हंसते हुए कहा- लोग तोप का लाइसेंस मांगते हैं तो कट्टा ही मिलता है… जो हमारी हैसियत है और जो ताकत हैउसके हिसाब से जब टाइम आएगा तो देखा जाएगा. हम अपना पार्टी और अपना सिंबल पर चुनाव लड़ते हैं. जो नेता पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ते हैं वह दल के साथ होते हैं. ये हमारा प्रयास है और ये ही करते हैं.’
“तोप का लाइसेंस मांगते हैं तो कट्टे का मिलता है”
ओमप्रकाश राजभर भली-भांति जानते हैं कि आप सीट कितने भी मांग ले, मिलेगा उतना ही जितना बीजेपी चाहती है। pic.twitter.com/GWtCNOgDvZ