फिरोजाबाद: सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मामलों के निस्तारण के लिए फिरोजाबाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गांव-गांव जागरूकता अभियान चला रहा है. इस अभियान के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में लंबित ऐसे मामलों का जनपद न्यायालय में आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराया जाएगा. इसके लिए जिला जज के निर्देशन में प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता वाहन रवाना किए गए हैं. इन वाहनों के माध्यम से तहसीलों, ब्लॉकों और गांवों में लोगों को कानूनी सहायता तथा समाधान दिवस की जानकारी दी जाएगी. सुप्रीम कोर्ट में लंबित कुछ मामलों का चयन भी किया गया है, जिनका निस्तारण अगस्त में आयोजित समाधान दिवस के दौरान कराया जाएगा.
अगस्त में होगा विशेष समाधान दिवस का आयोजन
फिरोजाबाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव योगेश शिवा ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार जिले के ऐसे मामले, जिनका निस्तारण आपसी सुलह-समझौते से किया जा सकता है, लेकिन वे वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं, उनके लिए अगस्त में जनपद न्यायालय में विशेष समाधान दिवस का आयोजन किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि फिरोजाबाद जिले के लगभग 18 मामलों का चयन किया गया है. इनमें टैक्स संबंधी मामले, पारिवारिक विवाद तथा अन्य ऐसे प्रकरण शामिल हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश सरकार भी पक्षकार है. इन मामलों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से किया जा सकता है.
18 मामलों का होगा आपसी सुलह-समझौते से निस्तारण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य ऐसे मामलों को अदालतों में लंबी सुनवाई के बजाय आपसी सहमति से समाप्त कराना है. इसी उद्देश्य से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने मामलों के समाधान के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से संपर्क कर सकें.
गांव-गांव पहुंचेगी कानूनी जागरूकता, नहीं लगाने होंगे सुप्रीम कोर्ट के चक्कर
विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि फिरोजाबाद जनपद न्यायालय में अगस्त माह में तीन दिवसीय समाधान दिवस का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कई मामलों का निस्तारण किया जाएगा. इस अभियान का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए तीन जागरूकता वाहनों को गांव-गांव भेजा गया है.
तीन जागरूकता वाहन देंगे कानूनी सलाह
उन्होंने बताया कि जिला जज बब्बू सारंग के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तीनों गाड़ियां गांवों में जाकर लोगों को कानूनी सहायता, आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से मामलों के निस्तारण और समाधान दिवस की जानकारी देंगी. इस पहल से लोगों को बार-बार सुप्रीम कोर्ट और अन्य अदालतों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी, साथ ही समय और धन दोनों की बचत होगी.