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बड़े भाई की छह दिन पहले हुई थी मौत, सड़क हादसे में...




भास्कर न्यूज | सिमडेगा शहर के खैरन टोली पेट्रोल पंप के समीप मंगलवार की सुबह हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। बरपानी निवासी असीम प्रधान की ट्रेलर की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। सबसे मार्मिक बात यह है कि असीम के बड़े भाई की बीमारी से महज छह दिन पहले ही मौत हुई थी। परिवार अभी उस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि छोटे बेटे की असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया। जानकारी के अनुसार असीम प्रधान रोज की तरह मंगलवार सुबह अपने साथियों के साथ बाइक से टुकुपानी की ओर वाल पुट्टी का काम करने जा रहा था। जैसे ही वह खैरन टोली पेट्रोल पंप के पास पहुंचा,तेज रफ्तार ट्रेलर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि असीम ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद ट्रेलर चालक वाहन लेकर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस सक्रिय हुई। थाना प्रभारी संजीत कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने पीछा करते हुए बांसजोर क्षेत्र में ट्रेलर को पकड़ लिया। चालक को भी हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग पर एनएच जाम : हादसे से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी,10 लाख रुपये मुआवजा सहित अन्य मांगों को लेकर सिमडेगा–राउरकेला राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक चले जाम के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकारियों के समझाने पर खुला जाम : स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ सुमंत तिर्की,एसडीपीओ धर्मदेव पासवान,सदर सीओ इम्तियाज अहमद,नगर परिषद अध्यक्ष ओलिवर लकड़ा,सदर थाना प्रभारी संजीत कुमार सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से वार्ता की तथा तत्काल राहत के रूप में पीड़ित परिवार को 10 हजार रुपये नकद उपलब्ध कराया। नगर परिषद अध्यक्ष द्वारा अनुबंध पर बहाल करने तथा अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम समाप्त किया।
मजदूर नेता के खिलाफ भी फूटा लोगों का गुस्सा : घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने खुद को मजदूरों का हितैषी बताने वाले मजदूर नेता राजेश कुमार सिंह के प्रति भी नाराजगी जताई। लोगों का कहना था कि जब मजदूरों पर संकट आता है तो उनके साथ खड़े होने का दावा करने वाले नेता कहीं दिखाई नहीं देते। कई लोगों ने कहा कि ऐसे कठिन समय में राजेश सिंह का मौके पर नहीं पहुंचना मजदूरों की भावनाओं के साथ विश्वासघात है। इसको लेकर लोगों में काफी आक्रोश देखा गया। फिलहाल पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया है और मामले की जांच जारी है। वहीं,पूरे बरपानी गांव में शोक का माहौल है। असीम की मौत ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह वाहन संचालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छह दिन में दो बेटों को खोने के गम में डूबे पिता ग्रामीणों ने बताया कि असीम के बड़े भाई का बीमारी के कारण छह दिन पहले ही निधन हुआ था। परिवार अभी उस दुख से उबर भी नहीं पाया था कि अब छोटे भाई की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। लगातार दो जवान बेटों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर किसी की आंखें नम हैं।



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