Last Updated:
सरकार द्वारा अन्न योजना में प्रस्तावित बदलाव को लेकर केरल के पूर्व सीएम पिनराई विजयन ने विरोध जताया है. विजयन ने इसे गरीबों की खाद्य सुरक्षा पर हमला बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है. माकपा और अखिल भारतीय कृषि मजदूर यूनियन ने प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है.
पिनराई विजयन ने इसे गरीबों की खाद्य सुरक्षा पर हमला बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की.
नई दिल्ली. केन्द्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन को लेकर केरल में राजनीति गरमा गयी है. केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इसे गरीबों की खाद्य सुरक्षा पर हमला बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है. माकपा और अखिल भारतीय कृषि मजदूर यूनियन ने केंद्र सरकार के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है.
प्रस्तावित संशोधन के तहत अंत्योदय अन्न योजना (AAY) में अभी तक एक परिवार को 35 किलो खाद्यान्न की मिलता है. सरकार का इस व्यवस्था को बदलकर प्रति व्यक्ति 7 किलोग्राम प्रतिमाह करने का प्रस्ताव है. हालांकि एक परिवार के लिए अधिकतम 35 किलोग्राम की सीमा पहले की तरह ही रहेगी. विपक्षी दलों और किसान संगठनों का कहना है कि इससे बड़े परिवारों को कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा, जबकि छोटे परिवारों का मौजूदा राशन घट जाएगा.
माकपा और अखिल भारतीय कृषि मजदूर यूनियन का कहना है कि सरकार का यह तर्क भी सही नहीं है कि इससे छोटे और बड़े परिवारों के बीच असमानता दूर होगी. उनका कहना है कि पांच से अधिक सदस्यों वाले परिवारों को अब प्रति व्यक्ति 7 किलो अनाज नहीं मिल पाएगा, क्योंकि 35 किलो की अधिकतम सीमा लागू रहेगी.
The BJP-led Union Government’s move to shift Antyodaya Anna Yojana eligibility from families to individuals is a direct attack on the food security of millions. By reducing the ration entitlement of poor households, it disproportionately penalises states like Kerala. Instead of…