अयोध्या: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में एक निश्चित अवधि पूरा करने के बाद जब ग्रह अपना राशि परिवर्तन करते हैं तो उसका प्रभाव सभी राशियों पर सकारात्मक और नकारात्मक तौर पर देखने को मिलता है .ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र ग्रह का सिंह राशि में गोचर हो चुका है.सिंह राशि में पहले से केतु की मौजूदगी के कारण अब शुक्र और केतु की युति बन रही है. यह युति 1 अगस्त तक प्रभावी रहेगी.इस दौरान सूर्य भी सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे कई महत्वपूर्ण ग्रह योग बनेंगे.
इन ग्रहों का प्रभाव प्रेम संबंध, वैवाहिक जीवन, करियर, धन, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक जीवन पर देखने को मिलेगा. हालांकि जहां कुछ राशियों को इसका लाभ मिलेगा, वहीं कुछ लोगों को रिश्तों में दूरी, मानसिक उलझन और भावनात्मक चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है.
शुक्र का प्रभाव
अयोध्या के विद्वान सीताराम दास के अनुसार शुक्र, वैभव, सौंदर्य, प्रेम, आकर्षण, सुख-सुविधाओं और विलासिता के कारक ग्रह हैं. व्यक्ति की कुंडली में शुक्र जिस भाव में स्थित होते हैं, उस क्षेत्र पर विशेष प्रभाव डालते हैं. वहीं केतु आध्यात्म, वैराग्य, आत्मचिंतन और पिछले जन्मों के कर्मों से जुड़ा ग्रह माना जाता है.
केतु, व्यक्ति को भीतर से बदलने का कार्य करता है और कई बार रिश्तों की वास्तविकता भी सामने लाता है. उनका कहना है कि केतु हमेशा संबंधों को खराब नहीं करता, बल्कि कई बार रिश्तों को मजबूत बनाने का अवसर भी देता है. इसका प्रभाव तीन राशि के जातक पर अधिक देखने को मिलेगा जिसमें वृषभ राशि, वृश्चिक राशि और तुला राशि के जातक शामिल है.
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र और केतु की युति शुभ मानी जा रही है.इस दौरान आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं.लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और परिवार में सुखद वातावरण बना रहेगा. प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा और जीवनसाथी के साथ तालमेल बेहतर होगा. निवेश और करियर से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है.
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह युति कई परेशानियों को कम करने वाली साबित हो सकती है. प्रेम जीवन में पहले से चली आ रही गलतफहमियां दूर होने के योग हैं.धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी, जिससे मानसिक शांति मिलेगी. करियर में भी नए अवसर मिल सकते हैं और परिवार का सहयोग प्राप्त होगा.
तुला राशि
तुला राशि के लिए शुक्र और केतु का यह संयोग भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि का संकेत देता है. व्यापार और नौकरी में लाभ के अवसर बनेंगे. पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं और रिश्तों में मधुरता लौट सकती है.सामाजिक सम्मान बढ़ेगा और आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में अधिक मजबूत होने के संकेत हैं.