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Ranchi Agriculture News: रांची की स्मिता 70 डेसिमल जमीन पर लौकी, मकई, तोरई जैसी कई फसलें एक साथ उगाकर 1-1.5 लाख रुपये कमाती हैं. वह ब्रह्मास्त्र खाद का उपयोग करती हैं. उनकी स्मार्ट खेती के तरीके की हर कोई तारीफ कर रहा है. आइये जानते हैं उनकी खेती के बारे में
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के इटकी की रहने वाली स्मिता बताती हैं कि वह करीब 70 डेसिमल जमीन में खेती करती हैं. जहां वह लौकी, मकई, तोरई और लौकी जैसी कई फसल एक ही साथ लगाती हैं. उन्होंने बताया मकई ऊपर की तरफ जाता है और तब तक अन्य सब्जी लौकी और तोरई नीचे जाती है. मकई बड़ा होने के बाद अलग करने का एक तरीका भी होता है. ऐसे में आप एक ही खेत में 4 वैरायटी की सब्जी लगा सकते हैं. इससे आपको बंपर मुनाफा होगा.
स्मिता ने बताया कि इस खेती से मोटी आमदनी भी हो जाती है. दो-तीन महीने में आप आराम से एक से डेढ़ लाख रुपए तक की कमाई कर सकते हैं. अगर आपकी फसल बहुत बढ़िया है तो और फसल अच्छा करने के लिए वह खासतौर पर ब्रह्मास्त्र खाद का इस्तेमाल करती हैं. इसके लिए वह गोबर खाद में जामुन का सिरका, नीम खली, सरसों की खली लेते हैं और इन चारों को मिलाकर उसमें डाला जाता है. इससे खेती लहलहा उठती है.
चारों सब्जी की खेती एक साथ
स्मिता बताती हैं कि मकई होने में थोड़ा समय लगता है. इसे तैयार होने में टोटल 4 महीने का समय लगता है और धीरे-धीरे ऊपर की तरफ जाता है, लेकिन लौकी तोरई 2 महीने में ही सब्जी देने लगती है. ऐसे में धीरे-धीरे मकई का पौधा बड़ा होता है. तब नीचे ये सारी सब्जियां होने लगती हैं. वह छोटे-छोटे स्टिक भी लगा देती हैं. ताकि सब्जी ऊपर की तरफ जाए और जमीन छूने की वजह से फसल खराब ना हो.
इससे उन्हें यह फायदा मिलता है कि लौकी एक बार हो जाती है तो उसके 1 महीने बाद ही आपको मकई का बढ़िया फसल बनकर तैयार मिलती है. फिर उससे भी हमारी अच्छी खासी आमदनी हो जाती है. स्वीट कॉर्न होता है, जिसकी बाजार में काफी डिमांड है. यहीं पास में मदर डेयरी की फैक्ट्री भी है. जहां पर डायरेक्ट स्वीट कॉर्न बेचने का काम करती हैं.
खेती में खाद का रखती हैं विशेष ख्याल
इसमें आपको खाद का काफी विशेष ख्याल रखना पड़ेगा. अगर खाद दमदार होगी, तभी मिट्टी की उर्वरा शक्ति शानदार होगी और आपकी सब्जी की क्वालिटी भी बढ़िया होगी. यह सब बरसात की सब्जी है तो सिंचाई की टेंशन नहीं होती, बारिश हो जाती है, लेकिन हर 15 दिन में एक बार सड़ा हुआ गोबर खाद वह भी सुखाकर जरुर डालना पड़ता है.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें