Last Updated:
रांची के ओरमांझी स्थित तरंगनी लिकर्स प्लांट पर अवैध शराब मामले में उत्पाद विभाग की कार्रवाई तेज हो गई है. कंपनी ने तय समय में पहले शोकॉज नोटिस का जवाब नहीं दिया. इसके बाद विभाग ने लाइसेंस निलंबित करने के लिए दोबारा नोटिस जारी किया है. इस मामले में पूर्व एमएलसी सुबोध राय जेल में हैं.
AI से तैयार प्रतिकात्मक फोटो
रांची: झारखंड की राजधानी रांची से बड़ी खबर आ रही है. ओरमांझी स्थित ‘तरंगनी लिकर्स प्राइवेट लिमिटेड’ फैक्टरी पर उत्पाद विभाग और पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. पिछले दिनों इस फैक्टरी में हुई छापेमारी और अवैध शराब निर्माण के खुलासे के बाद उत्पाद विभाग ने कंपनी का लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. इसके तहत विभाग ने कंपनी को शोकॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. हालांकि, दी गई समय सीमा बीतने के बाद भी तरंगनी लीकर की ओर से कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया. कंपनी के इस रवैये को देखते हुए उत्पाद विभाग ने अब दोबारा शोकॉज नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
राजद के पूर्व एमएलसी सुबोध राय की कंपनी में हुई थी छापेमारी
यह पूरा मामला राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व एमएलसी सुबोध राय से जुड़ा हुआ है. ‘तरंगनी लिकर्स प्राइवेट लिमिटेड’ उन्हीं की कंपनी है. करीब एक सप्ताह पहले मंगलवार की रात रांची पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर ओरमांझी स्थित इस प्लांट पर अचानक छापेमारी की थी. इस बड़ी कार्रवाई के दौरान फैक्टरी से भारी मात्रा में अवैध शराब की खेप बरामद की गई थी.
फर्जी लेबल लगाकर बाजार में खपाई जा रही थी शराब, 303 पेटी जब्त
जांच में यह बात सामने आई है कि इस प्लांट में तैयार की जा रही शराब पर देश के अन्य नामी और नामचीन ब्रांड्स के फर्जी लेबल लगाए जा रहे थे. इस नकली और अवैध शराब को असली ब्रांड के नाम पर बाजार में आधे दामों में खपाने की बड़ी साजिश रची गई थी. छापेमारी दल ने मौके से कुल 303 पेटी कथित अवैध विदेशी शराब बरामद की थी. इसके बाद ही उत्पाद विभाग ने नियमों के उल्लंघन को लेकर कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड करने के लिए पहला शोकॉज नोटिस भेजा था.
सुबोध राय समेत तीन आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल
छापेमारी के दौरान मौके से ही मुख्य आरोपी और राजद नेता सुबोध राय को गिरफ्तार कर लिया गया था. उनके साथ ही उनके चालक देवेंद्र भगत और फैक्टरी के एक अन्य कर्मचारी रविकांत राय को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था. गिरफ्तारी के अगले ही दिन कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया. जहां से उन्हें रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार (जेल) भेज दिया गया. फिलहाल सभी आरोपी जेल में हैं और उत्पाद विभाग मामले में आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई में जुटा हुआ है.
About the Author
मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.