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लड़ते रह गए अमेरिका-ईरान, इधर भारत ने कर ली बड़ी डील; होर्मुज का टंटा खत्म!

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India-Australia Uranium Deal: अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज संकट के बीच भारत ने ऑस्ट्रेलिया के साथ यूरेनियम सहयोग को नई गति दी है. जी हां, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम डील हो गई है. इस समझौते से भारत को परमाणु बिजलीघरों के लिए लंबे समय तक यूरेनियम की स्थिर आपूर्ति मिल सकेगी, जिससे परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी. हालांकि इससे पेट्रोल और डीजल का आयात तुरंत कम नहीं होगा, लेकिन यह भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

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यूरेनियम पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बड़ा समझौता

India-Australia Uranium Deal: अमेरिका और ईरान युद्ध केवल दो देशों की लड़ाई नहीं है. दुनिया इसका अंजाम भुगत चुकी है. ईरान जंग का सबसे बड़ा असर दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा. होर्मुज पर तो और भी. होर्मुज बंद होने से पूरी दुनिया में हाहाकार मच गया. पेट्रोल-डीजल से लेकर गैस तक के संकट होने लगे. होर्मुज दुनिया में तेल-गैस कारोबार का अहम मार्ग है. दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है. भारत भी अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी रूट से आने वाले तेल से पूरा करता है. ऐसे में जब होर्मुज में सकंट बढ़ता है तो भारत की चिंता भी बढ़ जाती है. यही कारण है कि भारत अब भविष्य में होर्मुज पर अपनी निर्भरता कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. जी हां, अमेरिका-ईरान जंग के बीच भारत ने ऑस्ट्रेलिया के साथ बड़ी डील की है. जिस यूरेनियम के लिए अमेरिका-ईरान लड़ रहे हैं, उसी यूरेनियम पर भारत ने ऑस्ट्रेलिया संग डील की है.

जी हां, यूरोनियम पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बड़ा समझौता हुआ है. पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलिया पीएम एंथनी अल्बनीज ने इस डील का ऐलान किया. दोनों ने भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम सहयोग को नई गति देने का ऐलान किया. यह समझौता भारत की ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए अहम माना जा रहा है. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम आपूर्ति को लेकर सहयोग मजबूत होने से देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की राह आसान होगी.

भारत को इस डील से क्या फायदा
इस डील का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भारत को परमाणु बिजलीघरों के लिए यूरेनियम की स्थिर और भरोसेमंद आपूर्ति मिल सकेगी. ऑस्ट्रेलिया दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम भंडार वाले देशों में शामिल है. ऐसे में भारत को लंबे समय तक ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. वैसे भी ईरान युद्ध और होर्मुज संकट तो भारत देख ही चुका है. अगर तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित भी हो तो भारत उस विकल्प के रूप में तेजी से काम कर रहा है.

भारत में खूब बनेगी बिजली
इसी कड़ी में भारत तेजी से बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है. परमाणु ऊर्जा कोयले और गैस की तुलना में कम कार्बन उत्सर्जन करती है. इसलिए यह स्वच्छ ऊर्जा का अहम स्रोत मानी जाती है. पर्याप्त यूरेनियम मिलने से नए परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का संचालन और विस्तार आसान होगा. इससे पर्याप्त बिजली बन सकेगी देश में.

क्यों अहम है यह डील
इस डील का एक और अहम पहलू है. वह भी रणनीतिक है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अभी भी बड़े पैमाने पर आयातित तेल और गैस पर निर्भर है. भारत अपनी जरूरत का करीब 70 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है. इसका बड़ा हिस्सा सऊदी अरब, इराक, यूएई, कुवैत और कतर जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आता है. इन देशों से निकलने वाले ज्यादातर तेल टैंकर होर्मुज से होकर गुजरते हैं. पश्चिम एशिया में तनाव या होर्मुज में किसी तरह की बाधा आने पर ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. इसकी झलक हम देख चुके हैं. परमाणु ऊर्जा का दायरा बढ़ने से बिजली उत्पादन के लिए जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होगी. इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी. इसलिए ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम मिलने से होर्मुज का टंटा भी खत्म हो जाएगा.

क्या तुरंत समधान मिल जाएगा?
हालांकि, यहां यह भी समझना जरूरी है कि यूरेनियम डील का मतलब यह नहीं है कि भारत का पेट्रोल और डीजल आयात तुरंत कम हो जाएगा. परमाणु ऊर्जा का उपयोग मुख्य रूप से बिजली उत्पादन में होता है, जबकि पेट्रोलियम उत्पादों की जरूरत परिवहन और उद्योगों में बनी रहेगी. इसलिए इस समझौते को तात्कालिक समाधान नहीं माना जाए. बल्कि यह भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का अहम हिस्सा है. वैसे भी भारत पहले ही नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य लेकर चल रहा है.

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Shankar Pandit

Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें



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