राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक 10 से 12 जुलाई तक कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित होगी. संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान होने वाली यह बैठक संगठन के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इसमें देशभर के 46 प्रांतों और 11 क्षेत्रों के प्रांत प्रचारक, सह प्रांत प्रचारक, क्षेत्र प्रचारक और सह क्षेत्र प्रचारक भाग लेंगे. इसके अलावा संघ से जुड़े 32 विभिन्न संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री भी बैठक में मौजूद रहेंगे. तीन दिनों तक चलने वाले इस मंथन में संगठन के विस्तार, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और देश के मौजूदा हालात समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी.
संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि बैठक में पिछले एक वर्ष के दौरान संगठन के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की जाएगी. खास तौर पर शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में शुरू किए गए शाखा विस्तार अभियान का आकलन होगा. यह देखा जाएगा कि किन क्षेत्रों में नई शाखाएं शुरू हुईं, किन स्थानों पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली और आने वाले महीनों में अधिक से अधिक नई शाखाएं शुरू करने के लिए क्या रणनीति अपनाई जाए.
बैठक में इस वर्ष आयोजित संघ के विभिन्न प्रशिक्षण वर्गों की भी समीक्षा की जाएगी. साथ ही शताब्दी वर्ष के तहत विजयादशमी 2026 तक प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा. संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी इस बात पर भी चर्चा करेंगे कि समाज के अधिक से अधिक लोगों तक संगठन की पहुंच कैसे बढ़ाई जाए और शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों को व्यापक जनभागीदारी के साथ कैसे आगे बढ़ाया जाए.
बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित प्रवास कार्यक्रम पर भी विस्तार से विचार होगा. उनके देशभर के विभिन्न राज्यों और प्रांतों के दौरे, स्वयंसेवकों से संवाद तथा सामाजिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की जाएगी.
संघ के अनुसार, बैठक में वर्तमान राष्ट्रीय परिस्थितियों और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण समसामयिक विषयों पर भी मंथन होगा. इन मुद्दों पर संगठन की भावी कार्ययोजना और सामाजिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों पर भी विचार किया जाएगा.
सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में सामने आए राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले पर भी बैठक के दौरान चर्चा हो सकती है. हालांकि, इस मुद्दे को आधिकारिक एजेंडे में शामिल नहीं किया गया है. सूत्रों का कहना है कि बैठक में इस विषय पर अनौपचारिक स्तर पर विचार-विमर्श होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
इस बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य और संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे. सुनील आंबेकर ने बताया कि बैठक की तैयारियों के सिलसिले में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 6 जुलाई को ही बेलगावी पहुंच गए थे.
संघ का शताब्दी वर्ष 2025-26 के तहत देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन लगातार जारी है, जो 20 अक्टूबर 2026 (विजयादशमी) तक चलेंगे. ऐसे में बेलगावी की यह बैठक केवल संगठनात्मक समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शताब्दी वर्ष के अगले चरण की रणनीति तय करने, संगठन के विस्तार की गति बढ़ाने और आने वाले समय के लिए कार्ययोजना तैयार करने के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.