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मेदिनीनगर-रांची मुख्य मार्ग (नेशनल हाईवे 39) के निर्माण कार्य के दौरान गुरुवार को चियांकी में स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच झड़प हो गई। ग्रामीणों द्वारा पत्थरबाजी किए जाने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय पांडेय और एसडीपीओ राजेश यादव सहित कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। स्थिति को नियंत्रण में करने के बाद सड़क निर्माण में बाधा बन रहे मकानों को बुलडोजर से गिराया गया। इस दौरान कुछ देर के लिए सड़क जाम की स्थिति भी बनी रही। मकानों-दुकानों के तोड़ने का विरोध
जिस इलाके में यह झड़प हुई, वहां सदर एसडीएम ने बुधवार को ही शुक्रवार तक के लिए निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू कर दी थी। गुरुवार को प्रशासन के पहुंचने पर लोग एकजुट होकर हंगामा करने लगे। एनएचएआई के कर्मी जेसीबी लेकर सड़क की मापी के बाद मकानों और दुकानों को तोड़ना चाहते थे, जिसका स्थानीय रैयतों ने विरोध किया। मुआवजा कम मिलने का आरोप
स्थानीय रैयतों का आरोप है कि कई लोगों को जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण मुआवजा नहीं मिला है, जबकि कुछ अन्य कम मुआवजा मिलने का आरोप लगाकर सड़क निर्माण का विरोध कर रहे थे। वहीं, सदर एसडीओ संजय पांडेय ने बताया कि सभी रैयतों का मुआवजा भू-अर्जन विभाग को एनएचएआई की ओर से दिया जा चुका है। एसडीओ ने स्पष्ट किया कि मुआवजा राशि उपलब्ध कराने के 60 दिनों के बाद नियमानुसार एनएचएआई सड़क निर्माण कर सकती है। इधर, प्रशासन की सख्ती को देखते हुए लोगों ने खुद ही अपने मकानों से सामान निकालना शुरू कर दिया है।
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