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Dairy Farming Success Story: कोडरमा के आश्रम रोड में वास्तु दोष दूर करने के लिए शुरू हुई गिर गौशाला आज शुद्ध A2 दूध का बड़ा केंद्र बन गई है. कृष्णा संघई की इस गौशाला का 100 रुपये लीटर वाला दूध सेहत के लिए अमृत माना जा रहा है. 2020 में वास्तु दोष निवारण हेतु शुरू हुई यह गौशाला सीमित उत्पादन के कारण बढ़ती मांग पूरी नहीं कर पा रही.
कोडरमा: शहर के आश्रम रोड स्थित एक अनोखी गौशाला इन दिनों स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. यहां गुजरात की प्रसिद्ध गिर नस्ल की गायों का पालन किया जा रहा है. जिससे प्रतिदिन करीब 70 लीटर शुद्ध A2 दूध का उत्पादन हो रहा है. खास बात यह है कि इस दूध की मांग इतनी अधिक है कि डेयरी में दूध की एक बूंद भी नहीं बचती. लेकिन कृष्णा संघई की डेयरी की कहानी काफी रोचक है.
वास्तु दोष के निवारण से शुरू हुई कहानी
गौशाला का संचालन करने वाले कृष्णा संघई ने बताया कि आश्रम रोड स्थित उनके गोदाम के निर्माण के बाद वास्तु दोष के कारण कुछ व्यापारिक समस्याएं आ रही थीं. जब उन्होंने ज्योतिष और जानकारों से इसका समाधान पूछा, तो उन्हें वास्तु दोष वाले स्थान पर गोपालन की सलाह दी गई. इसी सोच के साथ उन्होंने साधारण गायों के बजाय बेहतर नस्ल की गिर गायों को पालने का फैसला किया.
शुरुआत में मौसम बना चुनौती, अब तैयार हुई नई पीढ़ी
कृष्णा संघई ने बतलाया कि साल 2020 में उन्होंने गुजरात से 1.5 लाख रुपये प्रति गाय की लागत से पांच गिर गायें मंगाई थीं. शुरुआत में गुजरात की इन गायों को कोडरमा के मौसम में ढालना आसान नहीं था. यहां की भीषण गर्मी और कड़ाके की ठंड के कारण गायों को काफी परेशानी हुई. हालांकि समय के साथ इसी गौशाला में इन गायों की नई पीढ़ी तैयार हुई. जो अब यहां के वातावरण में पूरी तरह ढल चुकी हैं. वर्तमान में यहां सुबह-शाम मिलाकर रोजाना करीब 70 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है. कोडरमा के वातावरण में एक गिर गाय से औसतन 7 से 8 लीटर दूध प्रतिदिन प्राप्त होता है.
उत्पादन से अधिक मांग, कांच की बोतलों में होती है विशेष सप्लाई
इस गौशाला में उत्पादित दूध की पैकेजिंग और शुद्धता का विशेष ख्याल रखा जाता है. रोजाना 70 लीटर दूध को कांच की 70 बोतलों में पैक कर सील किया जाता है. ग्राहकों के घरों तक पहुंचाया जाता है. कृष्णा संघई ने बताया कि दूध की मांग लगातार बढ़ रही है. लेकिन उत्पादन सीमित होने के कारण वे सभी लोगों की जरूरत पूरी नहीं कर पा रहे हैं.
100 रुपये प्रति लीटर है कीमत, सेहत के लिए है अमृत
गिर गायों के रख-रखाव और चारे पर खर्च अधिक होने के कारण मुनाफा अपेक्षाकृत कम है, फिर भी लोगों तक शुद्ध दूध पहुंचाने के उद्देश्य से यह काम जारी है. फिलहाल कोडरमा में यह दूध 100 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा है. गिर गाय के दूध में ‘A2 प्रोटीन’ पाया जाता है. जो बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए अमृत के समान है. यह आसानी से पच जाता है. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है.
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