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पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया का संक्रमण लगातार नए इलाकों में फैल रहा है। जिले में 11,090 लोगों की जांच में कुल 101 नए मरीज मिले, जिसमें 21 पटमदा के हैं। इनमें 67 प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम (पीएफ) यानी ब्रेन मलेरिया, 31 प्लाज्मोडियम विवैक्स (पीवी) यानी सामान्य मलेरिया और तीन मिक्स संक्रमण के मामले हैं। सबसे अधिक 21 मरीज पटमदा में मिले, जिसने अब तक सबसे अधिक प्रभावित रहे पोटका (19) को पीछे छोड़ दिया। डुमरिया में 18 तथा घाटशिला और मुसाबनी में 16-16 मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। जिले में अब तक 63,570 लोगों की जांच में 1,603 संक्रमित मिल चुके हैं। सात मृतकों में पांच बच्चे शामिल
इनमें 1,268 ब्रेन मलेरिया, 295 सामान्य मलेरिया और 40 मिक्स केस हैं। ब्रेन मलेरिया से सात लोगों की मौत, जिनमें पांच बच्चे पोटका के हैं, के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पोटका सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रजनी महाकुड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनकी जगह डॉ. सुकांत सीट को नया प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बनाया गया है। जांच में मलेरिया नियंत्रण अभियान में गंभीर खामियां मिलीं
इधर, स्वास्थ्य विभाग की जांच में पोटका क्षेत्र में मलेरिया नियंत्रण, निगरानी और रोकथाम अभियान में गंभीर कमियां सामने आईं। रिपोर्ट में समय पर जांच, फॉगिंग, दवा वितरण और निगरानी व्यवस्था प्रभावी नहीं होने का उल्लेख है। विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान तेज करने, जांच बढ़ाने, कीटनाशक छिड़काव और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही डॉ. रजनी महाकुड़ को निलंबित किया गया है और उनकी जगह डॉ. सुकांत सीट को नया प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। अब नए इलाकों में बढ़ी चुनौती
गुरुवार की रिपोर्ट में सबसे बड़ा बदलाव यह रहा कि संक्रमण का केंद्र धीरे-धीरे पोटका से दूसरे प्रखंडों की ओर बढ़ता दिखा। पटमदा में 21, पोटका में 19, डुमरिया में 18, घाटशिला और मुसाबनी में 16-16, धालभूमगढ़ में पांच, सदर अस्पताल में पांच तथा बहरागोड़ा में एक मरीज मिला। वहीं चाकुलिया, जुगसलाई, अर्बन मानगो और अर्बन बिरसानगर में एक भी नया मरीज नहीं मिला।
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