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भास्कर न्यूज | मगनपुर गोला के चित्तरंजन सेवा सदन परिसर स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन श्रद्धा, भक्ति, उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। वृंदावन धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य अजय कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव, भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य प्राकट्य, श्रीराधा रानी के जन्मोत्सव का अत्यंत भावपूर्ण, प्रेरणादायी वर्णन किया। उनके प्रवचन को सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पूरा वातावरण राधे-राधे, जय श्रीराम के जयघोष से गुंजायमान हो गया। आचार्य श्री ने कहा कि भगवान के प्रत्येक अवतार का उद्देश्य धर्म की स्थापना, अधर्म का नाश, भक्तों का कल्याण है। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, त्याग, कर्तव्य, आदर्शों की अनुपम मिसाल है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं मानव जीवन को प्रेम, कर्म, भक्ति का संदेश देती हैं। उन्होंने श्रीराधा रानी के निष्काम प्रेम, पूर्ण समर्पण की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर की सच्ची प्राप्ति अहंकार त्यागकर प्रेम, भक्ति के मार्ग पर चलने से ही संभव है। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण जन्म की जीवंत झांकी प्रस्तुत की गई। वसुदेव द्वारा नवजात श्रीकृष्ण को कारागार से यमुना पार कर गोकुल ले जाने की जीवंत झांकी भी दिखाई गई। देवी दुर्गा की आकर्षक झांकी भी प्रस्तुत की गई। वृंदावन से पधारे आचार्य अजय कृष्ण शास्त्री की भजन मंडली में धनंजय दास, मोहित कुमार, आकाश जी अपने मधुर भजनों से श्रद्धालुओं को भक्ति-रस में सराबोर कर रहे हैं। मौके पर वंदना अंबष्ट, रेखा चौधरी, गोपी प्रसाद, सनत सिन्हा, कुंवर कुमार बक्सी, प्रदीप चंद्र लाला, अरुण बक्सी, मनोज मिश्र, जनार्दन पाठक, सुशील बुधिया, राजेंद्र पाठक, विशाल पाठक, सतीश पाठक, मनोज पोद्दार, रमेश प्रसाद, मधु बक्सी, सुजाता बक्सी, रेखा सिन्हा, अंजला मिश्रा, बेबी अग्रवाल, रेनू ओझा, अक्षय अग्रवाल, मनीष कुमार, सदानंद प्रमाणिक, टोपन महतो, रजनीश आनंद, नवीन कुमार, सुचांद, राजनाथ महतो सहित बड़ी संख्या में महिला, पुरुष श्रद्धालु मौजूद थे।
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